रुड़की के सरकारी अस्पताल में 9 बेड का आधुनिक ट्रॉमा सेंटर शुरू, दीपक रामचंद्र सेठ ने किया निरीक्षण, लापरवाही न बरतने के निर्देश

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार, 27 फरवरी 2026।
जनपद वासियों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा जनपद के सभी सरकारी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रुड़की स्थित जे एन सिन्हा मेमोरियल उप जिला चिकित्सालय में 9 बेड का आधुनिक आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर तैयार कर संचालित कर दिया गया है।
कुछ समय पूर्व जिलाधिकारी ने उप जिला चिकित्सालय रुड़की का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। इस पर तत्परता दिखाते हुए उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से 9 बेड का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर तैयार कराने की पहल की। अब यह ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह से तैयार हो चुका है और आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
नव स्थापित ट्रॉमा सेंटर में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, मॉनिटरिंग सिस्टम तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे दुर्घटना, गंभीर चोट या अचानक बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति में मरीजों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके। गंभीर रूप से घायल और बीमार व्यक्तियों का त्वरित उपचार कर उनके जीवन को बचाने में यह सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे न केवल रुड़की नगर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने आज अस्पताल पहुंचकर ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के प्रयासों से तैयार किया गया यह ट्रॉमा सेंटर क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब आपातकालीन मरीजों को बेहतर और शीघ्र उपचार मिल सकेगा।
निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक राम चन्द्र सेठ ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का उपचार पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए. के. मिश्रा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के संचालन से अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं और अधिक मजबूत हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब गंभीर मामलों में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी जान बचाने में सहायता मिल रही है। इस अवसर पर डॉ. रजत सैनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य डॉक्टर, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और यह पहल जिला प्रशासन की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।






