चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर रुड़की में श्रद्धांजलि सभा, कार्यकर्ताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रूड़की। महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर जादूगर रोड स्थित भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पूरे वातावरण में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के जयघोष और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ हुई। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन साहस, त्याग और अदम्य देशभक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने कभी घुटने नहीं टेके और अंतिम क्षण तक मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत रहे।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा युवा नेता दीपक पांडे ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने अपने जीवन की अंतिम सांस तक “वंदे मातरम्” का गान करते हुए अंग्रेजों का डटकर सामना किया। उन्होंने कहा कि आजाद का पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित था। वे केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि युवाओं के प्रेरणास्रोत भी हैं। उनका आत्मसम्मान और अदम्य साहस आज भी हर भारतीय को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।
एससी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष आयुष बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि चंद्रशेखर आजाद का तेजस्वी व्यक्तित्व और उनका बलिदान युगों-युगों तक राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि जब भी देशभक्ति और बलिदान की बात होती है, तब आजाद का नाम स्वतः ही स्मरण हो आता है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्चा देशभक्त अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटता।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को चंद्रशेखर आजाद के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उनके विचारों को आत्मसात कर समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर महान क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर ओम त्यागी, पंकज, शिवा, राहुल कंडारी, टीना, अक्षय पाल, ललित पाल, रजत पाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
पुण्यतिथि के इस अवसर पर रूड़की में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम देश के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना का प्रतीक रहा।






