जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने निजी स्कूलों के खिलाफ खोला बड़ा मोर्चा : निजी स्कूल कर रहे शिक्षा के नाम पर ‘स्कैम’

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (जनशक्ति) आजाद अली ने निजी विद्यालयों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और शोषण का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी के साथ-साथ निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदने का दबाव बनाकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय बेहतर शिक्षा और परिणाम का हवाला देकर अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जबकि सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि विद्यालयों में मुख्य रूप से एनसीईआरटी की किताबें ही लागू की जाएं और अनावश्यक अतिरिक्त सामग्री न थोपी जाए। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर स्कूल मनमानी कर रहे हैं।
हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा तीन निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें एनसीईआरटी के अलावा निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पाई गईं। इस पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है और विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। निरीक्षण के बाद स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया।
आजाद अली ने कहा कि महंगी किताबों और सीमित दुकानों से खरीद की बाध्यता के कारण अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कई परिवारों को बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं, तभी शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई नेताओं के निजी स्कूल होने के कारण इस व्यवस्था को जानबूझकर नहीं सुधारा जा रहा है। आजाद अली ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो जन अधिकार पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर किताबें बेचना भी एक तरह का घोटाला है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुलभ बनाया जाएगा।






