रुड़की में मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं का खेल बेनकाब, 2.66 लीटर कोडीन सिरप सहित भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। कोतवाली गंगनहर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे प्रतिबंधित नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने चाउमंडी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर कोडीन युक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलाम जैसी प्रतिबंधित दवाओं की भारी खेप बरामद की है। मामले में स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ड्रग निरीक्षक हरीश सिंह और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनिता भारती को गुप्त सूचना मिली थी कि चाउमंडी स्थित पल्स मेडिकल स्टोर, नियर भगवती अस्पताल में मेडिकल लाइसेंस की आड़ में नशीली दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए ड्रग विभाग की टीम ने कोतवाली गंगनहर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की।
ऊपरी मंजिलों पर छिपाकर रखा गया था स्टॉक
छापेमारी के दौरान जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मेडिकल स्टोर के लाइसेंस में केवल भूतल का नक्शा दर्ज था, लेकिन मौके पर प्रथम और द्वितीय तल पर भी लोहे की सीढ़ियों के माध्यम से दवाओं का भंडारण किया जा रहा था। टीम ने जब ऊपरी मंजिलों की तलाशी ली तो गत्ते के डिब्बों में डायपर के पैकेटों के नीचे बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं छिपाकर रखी मिलीं। यह स्पष्ट था कि अवैध कारोबार को सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
यह दवाएं हुईं बरामद
संयुक्त टीम ने मौके से कुल 2660 मिलीलीटर कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप, लगभग 142.73 ग्राम ट्रामाडोल एचसीएल टैबलेट्स, 16 मिलीलीटर ट्रामाडोल इंजेक्शन और लगभग 11.21 ग्राम अल्प्राजोलाम टैबलेट्स बरामद कीं। तलाशी के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित कोई वैध बिल, शेड्यूल H1 रजिस्टर अथवा पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
संचालक गिरफ्तार, सप्लाई चेन की जांच शुरू
मौके पर मौजूद शुभम कुमार सैनी (27 वर्ष), निवासी ग्राम हद्दीवाला, थाना कलियर ने स्वयं को मेडिकल स्टोर का संचालक बताया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अधिक मुनाफे के लालच में वह प्रतिबंधित दवाओं को खरीदकर अवैध रूप से बेच रहा था। पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत गिरफ्तार कर लिया।
बरामद सभी दवाओं को विधिवत सील कर कब्जे में लिया गया तथा पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में दवाओं की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकेगा।






