February 24, 2026

श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर में ‘त्योहार तालिका’ पर मंथन, हिंदू नव वर्ष से पहले शास्त्रसम्मत तिथियों पर बनी सहमति

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। सिविल लाइन स्थित श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर के पावन प्रांगण में श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय आगामी हिंदू नव वर्ष पर प्रकाशित होने वाली ‘त्योहार तालिका’ को अंतिम रूप देना रहा। विद्वान आचार्यों और ज्योतिषाचार्यों ने गहन विचार-विमर्श के बाद विभिन्न पर्वों की तिथियों पर सहमति बनाई, ताकि समाज में वर्षों से चली आ रही ‘आज या कल’ की दुविधा समाप्त की जा सके।
सभा के मंत्री सौरभ भूषण शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल सनातन धर्म की परंपराओं की शुद्धता को अक्षुण्ण रखने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि अक्सर गणना के सूक्ष्म अंतर के कारण त्योहारों की तिथियों को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और अनुष्ठान प्रभावित होते हैं। सभा का संकल्प है कि एक ऐसी प्रामाणिक ‘त्योहार तालिका’ जनमानस तक पहुँचे, जो पूर्णतः शास्त्रसम्मत और ज्योतिषीय दृष्टि से सटीक हो। उन्होंने बताया कि रुड़की के प्रबुद्ध आचार्यों के साथ मिलकर सभी जटिल तिथियों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
आचार्य पंडित रमेश सेमवाल ने कहा कि पंचांग भेद और गणितीय भिन्नताओं के कारण उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण करना शास्त्रसम्मत धर्म है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु जैसे प्रामाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रत्येक पर्व की उदया तिथि, नक्षत्र, भद्रा और अन्य दोषों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी व्रत या त्योहार शास्त्र-विरुद्ध न मनाया जाए।
आचार्य रजनीश शास्त्री ने कहा कि गणनाओं की शुद्धता ही धर्म की नींव है और इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए तालिका तैयार की गई है। वहीं, पुरोहित कल्याण समिति के अध्यक्ष आचार्य राजकुमार कौशिक ने कहा कि धर्म और ज्योतिष का संतुलन ही समाज को सही दिशा देता है। आज की बैठक ने सनातनी तिथियों की मर्यादा को और अधिक सुदृढ़ किया है।
सभा प्रधान सुरेश कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी कि यह ‘त्योहार तालिका’ शीघ्र ही प्रकाशित कर आमजन में वितरित की जाएगी। कोषाध्यक्ष भगवत स्वरूप ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सटीक और प्रमाणिक जानकारी पहुँचाना सभा का सामूहिक उत्तरदायित्व है।
बैठक में सौरभ भूषण शर्मा, सुरेश कुमार अग्रवाल, भगवत स्वरूप, आचार्य पंडित रमेश सेमवाल, आचार्य रजनीश शास्त्री, आचार्य राजकुमार कौशिक, पंडित राम गोपाल, पंडित बबलू शर्मा, पंडित वैभव शर्मा, पंडित हरि नारायण, आचार्य रोहित शर्मा और आचार्य सचिन शर्मा सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर यह विश्वास व्यक्त किया गया कि अब सनातनी समाज एकमत होकर निर्धारित तिथियों और शुद्ध मुहूर्त में अपने सभी व्रत और पर्व पूर्ण श्रद्धा के साथ मना सकेगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!