कुंभ मेला 2027 को दिव्य-भव्य बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, स्थायी कार्य 31 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार, 24 फरवरी 2026। आगामी कुम्भ मेला-2027 के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर मेला प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत स्थायी विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत परियोजनाएं हर हाल में 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण की जाएं। मेलाधिकारी सोनिका के निर्देशन में निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए नामित अधिकारी लगातार विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। मेला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सभी कार्यदायी संस्थाओं को प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मेला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न निर्माण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभियंताओं को निर्देशित किया कि कार्यों में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता मानकों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। निर्माण सामग्री की नियमित जांच तथा तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
अपर मेलाधिकारी ने धनौरी-सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी-पुरानी गंग नहर पर स्वीकृत पुल निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने नींव एवं पाइलिंग कार्य की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सेतु कुम्भ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और समयसीमा के भीतर निर्माण पूर्ण किया जाए।
कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत बहादराबाद विकासखंड में धनौरी-सिडकुल मोटर मार्ग के लगभग 8.4 किलोमीटर हिस्से में हॉटमिक्स डामरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने तथा समुचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहे।
इसके अतिरिक्त रोशनाबाद में निर्माणाधीन औषधि भंडारण कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। ₹251.98 लाख की लागत से विकसित हो रही इस परियोजना के तहत आधुनिक वेयरहाउस और कोल्ड चेन व्यवस्था स्थापित की जा रही है, जिससे कुम्भ मेला अवधि में दवाओं के सुरक्षित भंडारण और वितरण में सुविधा मिलेगी। अधिकारियों को थर्ड पार्टी गुणवत्ता परीक्षण एवं नियमित सैंपलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।मेला प्रशासन का कहना है कि इन स्थायी विकास कार्यों के पूर्ण होने से न केवल कुम्भ मेला-2027 के दौरान व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी, बल्कि भविष्य में भी क्षेत्र को स्थायी आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा। निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला 2027 की तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों के समन्वय से दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित कुंभ आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।






