बिजली चोरी पर उपखण्ड मंगलौर की बड़ी कार्रवाई, 22 उपभोक्ता पकड़े गए, 9 लाख की वसूली

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
विघुत वितरण उपखण्ड मंगलौर द्वारा बिजली बिल बकायेदारों और बिजली चोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के क्रम में यह संयुक्त कार्रवाई की गई, जिसमें कई गांवों और कस्बों में विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं की जांच की गई, जिनके कनेक्शन बकाया बिल के चलते पहले ही अस्थायी रूप से काटे जा चुके थे।
अभियान के दौरान ग्राम गदरजुड्डा में बड़ी संख्या में बिजली चोरी का मामला सामने आया। यहां 22 ऐसे उपभोक्ता पकड़े गए, जिनके मीटर पूर्व में बकाया राशि के कारण उतार लिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद वे डायरेक्ट केबल जोड़कर अवैध रूप से बिजली का उपभोग कर रहे थे। टीम ने मौके पर ही जांच कर अवैध कनेक्शन हटाए और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इस सघन चेकिंग अभियान का नेतृत्व उपखण्ड अधिकारी श्री अनुभव सैनी ने किया। उनके साथ अवर अभियंता श्री सौरभ सिंह भाटी, लाइन स्टाफ श्री अरुण, श्री धर्मवीर एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी और बकाया व जुर्माना वसूला जाएगा।
अभियान केवल गदरजुड्डा तक सीमित नहीं रहा। कस्बा मंगलौर, ग्राम लहबोली, ग्राम गदरजुड्डा तथा गुर्जर नारसन क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर जांच की गई। इस दौरान 11 बकायेदार उपभोक्ताओं के मीटर मौके पर ही उतारे गए, जबकि 17 विद्युत संयोजनों को टीडी (टेम्परेरी डिस्कनेक्शन) किया गया। विभाग ने इस कार्रवाई के दौरान लगभग नौ लाख रुपये की राजस्व वसूली भी की, जिसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर बकाया बिल के कारण उतारे जा चुके हैं और कनेक्शन अस्थायी रूप से विच्छेदित हैं, यदि वे दोबारा अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा भविष्य में भी ऐसे मामलों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाने की बात कही गई है।
उपखण्ड अधिकारी श्री अनुभव सैनी ने क्षेत्र के सम्मानित उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपना बिजली बिल समय पर जमा करें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई और असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को परेशान करना नहीं, बल्कि राजस्व हानि रोकना और व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही और लोगों में यह संदेश गया कि अब बिजली चोरी या बकाया बिल को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने साफ संकेत दे दिए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा लगातार कसा जाता रहेगा।






