विश्वकर्मा बस्ती में विशाल हिंदू सम्मेलन सम्पन्न, धर्म–संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने का लिया संकल्प

(ब्योरो दिलशाद खान ।KNEWS18)
रुड़की। सोलानीपुरम स्थित आईआईटी के मनोरंजन क्लब में विश्वकर्मा बस्ती की ओर से आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं धर्मप्रेमी लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना का प्रसार, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण तथा सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना रहा।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूज्य महंत लोकेशदास जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और जीवन मूल्यों पर आधारित संस्कृति है। इसे सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को संगठित रहने की आवश्यकता है, क्योंकि एकजुट समाज ही हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होता है।
महंत जी ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपनी परंपराओं, संस्कारों और धार्मिक मूल्यों को अपनाएं तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि नैतिकता, अनुशासन और आपसी सहयोग की भावना ही समाज को आगे बढ़ाती है। यदि हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करेंगे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान फोनिक्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन चेराब जैन ने महंत लोकेशदास जी महाराज का स्वागत सम्मान के साथ किया। चेराब जैन ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। युवाओं को अपनी परंपराओं पर गर्व करते हुए शिक्षा और संस्कार के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की छात्राओं ने सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। देशभक्ति और संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।
सम्मेलन में प्रोफेसर प्रवीण कुमार, प्रोफेसर एमल शर्मा, प्रोफेसर राम मनोहर, ई. दीपक छावड़ा, अमरीश कुमार, पवन, सजीव जयंत, मयंक त्यागी, नितिन वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने सम्मेलन के उद्देश्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता बनी रहे।
विश्वकर्मा बस्ती में आयोजित यह विशाल हिंदू सम्मेलन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता का सशक्त संदेश भी देकर गया।






