गंगनहर हादसों पर सख्त हुए ज़िला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह, सुरक्षा बढ़ाने की मांग,ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। गंगनहर में लगातार सामने आ रही डूबने की घटनाओं को लेकर भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि जनजीवन से जुड़ा गंभीर सुरक्षा मुद्दा है, जिस पर तत्काल और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि गंगनहर नगर के बीचों-बीच बहती है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसके किनारे से आवाजाही करते हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम अपर्याप्त हैं, जिसके कारण असावधानी या फिसलन की स्थिति में लोग सीधे गहरे और तेज बहाव वाले पानी में गिर जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष होने वाली इन घटनाओं से कई परिवार असमय अपनों को खो देते हैं, जो अत्यंत पीड़ादायक है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नहर के संवेदनशील और दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों का सर्वे कर तत्काल प्रभाव से वहां मजबूत रेलिंग, बैरिकेडिंग और सुरक्षा रस्सियों की व्यवस्था की जाए। दोनों किनारों पर स्टील वायर या मोटी सुरक्षा रस्सियाँ लगाए जाने से गिरने की स्थिति में व्यक्ति को सहारा मिल सकेगा और बचाव दल को भी राहत कार्य में सुविधा होगी।
जिला महामंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि गहरे पानी और तेज बहाव वाले स्थानों पर बड़े और स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ। साथ ही, निर्धारित दूरी पर लाइफबॉय, लाइफ जैकेट और अन्य जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराए जाएँ ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी अत्यंत आवश्यक है, जिससे निगरानी मजबूत हो और रात्रि के समय होने वाली घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि तकनीकी समाधान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा सकता है। उनके मार्गदर्शन में आधुनिक और नवाचार आधारित सुरक्षा मॉडल तैयार किया जाए, जिससे गंगनहर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं, तो कई अनमोल जानें बचाई जा सकती हैं। अंत में उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कार्ययोजना लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।






