भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में ‘एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) योजना’ पर जागरूकता कार्यक्रम

(व्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 19 फरवरी 2026। डिज़ाइन और उद्योग के बीच सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर ने “एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) योजना” पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम अजीत सिंहवी इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसरशिप के तत्वावधान में इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस को मजबूत करने के उद्देश्य से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन 09 फरवरी 2026 को भगवानपुर, जिला हरिद्वार (उत्तराखंड) में किया गया। इसमें आईआईटी रुड़की के डिज़ाइन विभाग, विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ-एमएसएमई), हल्द्वानी, सिडकुल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (एसएमएयू) रुड़की चैप्टर तथा इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन (आईआईए) रुड़की चैप्टर का सहयोग रहा। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय विनिर्माण क्षेत्र और डिज़ाइन विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर नवाचार को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत अनुभवी डिज़ाइनरों द्वारा उद्योगों की वास्तविक समय की डिज़ाइन समस्याओं के किफायती समाधान उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही, नए उत्पादों के विकास, मौजूदा उत्पादों के सतत सुधार और मूल्य संवर्धन के लिए विशेषज्ञ परामर्श भी प्रदान किया जाता है।
कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. इंदरदीप सिंह, अधिष्ठाता (इन्फ्रास्ट्रक्चर) एवं समन्वयक, डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, आईआईटी रुड़की द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित एमएसएमई प्रतिनिधियों को योजना की विशेषताओं, आवेदन प्रक्रिया और संभावित लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन-आधारित नवाचार से छोटे और मध्यम उद्योग अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकते हैं।
इस अवसर पर डिज़ाइन विभाग के अध्यक्ष प्रो. अपूर्ब्बा कुमार शर्मा ने “उद्यमों को उच्च प्रतिस्पर्धात्मकता, लाभप्रदता एवं स्थिरता की दिशा में प्रबंधित एवं रूपांतरित करना” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक बाजार में केवल उत्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पाद की डिज़ाइन, उपयोगिता और गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योगों से डिज़ाइन सोच को अपने व्यवसाय मॉडल का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एसएमएयू और आईआईए के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और आईआईटी रुड़की के साथ भविष्य में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने योजना को एमएसएमई क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इसे व्यावहारिक और समयानुकूल पहल बताया।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस जागरूकता कार्यक्रम ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच संवाद को नई दिशा देते हुए क्षेत्रीय औद्योगिक विकास के लिए एक सशक्त आधार तैयार किया।






