January 27, 2026

उधमसिंहनगर में पुलिस लापरवाही पर SSP मणिकांत मिश्रा की सख्त कार्रवाई, थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी निलंबित व लाइन हाजिर

(ब्योरो रिपोर्ट/ दिलशाद खान।KNEWS18)

उधमसिंहनगर जनपद में पुलिस व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मणिकांत मिश्रा द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। जनपद में मृतक सुखवन्त सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी ग्राम पैगा, कोतवाली आईटीआई से जुड़े प्रकरण में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जबकि चौकी पैगा पर तैनात संपूर्ण स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, SSP मणिकांत मिश्रा ने प्रकरण की समीक्षा के दौरान यह पाया कि मामले में अपेक्षित संवेदनशीलता और सतर्कता नहीं बरती गई। इससे विभागीय छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ने के साथ-साथ जिम्मेदारी के निर्वहन को लेकर सवाल भी खड़े हुए। इसी आधार पर उपनिरीक्षक ना0पु0 कुन्दन सिंह रौतेला, जो कोतवाली आईटीआई में थानाध्यक्ष के रूप में तैनात थे, तथा उपनिरीक्षक ना0पु0 प्रकाश बिष्ट के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित/प्रचलित करते हुए दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
इसी के साथ चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनमें उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार, अ0उ0नि0 सोमवीर सिंह, आरक्षी 327 ना0पु0 भूपेन्द्र सिंह, आरक्षी 690 ना0पु0 दिनेश तिवारी, मु0आरक्षी 154 ना0पु0 शेखर बनकोटी, आरक्षी 501 ना0पु0 सुरेश चन्द्र, आरक्षी 392 ना0पु0 योगेश चौधरी, आरक्षी 60 ना0पु0 राजेन्द्र गिरी, आरक्षी 298 ना0पु0 दीपक प्रसाद और आरक्षी 159 ना0पु0 संजय कुमार शामिल हैं।
SSP द्वारा की गई इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी प्रकरण में लापरवाही, देरी या संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह कदम कानून-व्यवस्था की मजबूत व्यवस्था के साथ-साथ आम जनता के विश्वास को बनाए रखने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई की व्यापक चर्चा है और इसे भविष्य के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की चूक नहीं करनी चाहिए। वहीं विभागीय स्तर पर आगे भी प्रकरण की जांच जारी रहेगी और दोष की मात्रा के अनुसार अगली कार्यवाही किए जाने की संभावना है।

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