विधानसभा में विधायक प्रदीप बत्रा ने उठाए सड़क निर्माण, भर्ती प्रक्रिया और यूजर चार्ज के मुद्दे

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की/गैरसैंण, 13 मार्च।
उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र में रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में उठाए। नियम 87 के अंतर्गत उन्होंने प्रदेश में बनने वाले मुख्य मार्गों के निर्माण से पहले संबंधित विभागों के समन्वय की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। विधायक ने कहा कि सड़क निर्माण से पहले उस मार्ग के अंतर्गत आने वाली सभी सीवर लाइन, पेयजल पाइपलाइन, भूमिगत विद्युत, दूरसंचार और गैस पाइपलाइन आदि कार्य पूरे कर लिए जाने चाहिए।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि अक्सर सड़क निर्माण के बाद विभिन्न विभागों द्वारा पाइपलाइन या केबल डालने के लिए नई बनी सड़कों को बार-बार खोदा जाता है, जिससे सरकारी धन की हानि होती है और जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए संबंधित विभागों को सड़क निर्माण से पहले ही सूचित कर आवश्यक कार्य पूरे कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि नवनिर्मित सड़कों को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके।
इसके अलावा विधायक बत्रा ने नियम 105 के अंतर्गत प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की समस्याओं का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से भर्ती संबंधी अधियाचन उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार और उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, देहरादून को भेजे जाते हैं, लेकिन कई बार उनमें अर्हता, रोस्टर प्रणाली, पाठ्यक्रम आदि से संबंधित त्रुटियां होती हैं। इन त्रुटियों के कारण भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है, जिससे बेरोजगार युवाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विधायक ने सुझाव दिया कि शासन स्तर पर एक समिति का गठन किया जाए, जो आयोगों को अधियाचन भेजने से पहले उनकी समीक्षा कर त्रुटियों को दूर करे। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और युवाओं को समय पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
वहीं नियम 300 के अंतर्गत विधायक प्रदीप बत्रा ने नगर निगम रुड़की द्वारा प्रस्तावित यूजर चार्ज का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर में कूड़ा उठान और निस्तारण के लिए नागरिकों से यूजर चार्ज वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जबकि निगम के पास पहले से ही पर्याप्त संसाधन और मैनपॉवर उपलब्ध है। इसके बावजूद इस कार्य को थर्ड पार्टी को सौंपने की योजना बनाई जा रही है, जो शहरवासियों से यूजर चार्ज वसूलेगी।
विधायक बत्रा ने कहा कि शहरवासी पहले ही हाउस टैक्स और अन्य करों का भुगतान कर रहे हैं, ऐसे में अतिरिक्त यूजर चार्ज लगाना आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम होगा, जो जनहित में उचित नहीं है। उन्होंने इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम रुड़की के सफाई कर्मचारियों ने पहले कार्य बहिष्कार के दौरान इस मुद्दे को सदन में उठाने की मांग की थी, जिसके लिए कर्मचारियों ने विधायक का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है।
इसके अतिरिक्त विधायक प्रदीप बत्रा ने तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के माध्यम से पॉलीहाउस योजना में सामने आई भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सरकार से जवाब भी मांगा। उन्होंने कृषि मंत्री से पूछा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में प्रदेश में कितने पॉलीहाउस स्थापित किए गए हैं और उन पर सरकार द्वारा कितनी सब्सिडी दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पॉलीहाउस योजना में सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों की पात्रता क्या निर्धारित की गई है।
विधायक द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को सदन में जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है।






