अंकिता भंडारी प्रकरण में वीआईपी खुलासे की मांग तेज 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का ऐलान

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की- अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम का खुलासा और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलनों की श्रृंखला तेज हो गई है। इसी क्रम में अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति के सभागार में उत्तराखंड महिला मंच और जनमंच की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य 4 जनवरी को हुई घोषणा को मूर्त रूप देना, 10 जनवरी को मशाल जुलूस तथा 11 जनवरी को सम्पूर्ण उत्तराखंड बंद के आह्वान की तैयारी करना था।
बैठक में अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति के अंतर्गत आने वाली 15 कालोनियों, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति, उत्तराखंड एकता मंच, उत्तराखंड युवा संगठन, रुड़की गढ़वाल सभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष अरविंद कश्यप ने फोन पर व्यापारी वर्ग के समर्थन का आश्वासन दिया। बैठक में पुलिस प्रशासन की ओर से सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी मनीष उपाध्याय, एसआई पंवार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
द्वय समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य अंकिता भंडारी प्रकरण में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराना और कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक कराना है। उन्होंने मांग की कि दोषियों को कठोर दंड मिले ताकि भविष्य में किसी बेटी के साथ अत्याचार न हो।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के संरक्षक राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अलग राज्य की मांग इसी उद्देश्य से की गई थी कि देवभूमि की गरिमा सुरक्षित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज बाहरी तत्वों द्वारा बेटियों के साथ अपराध हो रहे हैं, जिन पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
उत्तराखंड युवा संगठन, उत्तराखंड एकता मंच के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न कालोनियों के अध्यक्षों ने युवाओं की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में अन्याय और अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि वे देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं और समाज में अपराधियों के प्रति कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया और प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 जनवरी की शाम 5:30 बजे सुभाष नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। 11 जनवरी को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद के तहत अलग-अलग संगठनों और कालोनियों द्वारा संयुक्त रैलियां निकाली जाएंगी। रैलियां शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर समाप्त होंगी।
आयोजकों ने आम जनमानस से शांतिपूर्ण रूप से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन न्याय की मांग और सामाजिक संवेदनशीलता को बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह सहयोग दिया जाएगा।

