हरिद्वार में अवैध दवा विक्रय पर सख्ती: ड्रग्स विभाग की लगातार कार्रवाई, कई मेडिकल स्टोरों का किया निरीक्षण

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। अपर आयुक्त महोदय के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार में औषधि कानूनों के प्रभावी अनुपालन और अवैध दवा विक्रय पर नियंत्रण के लिए ड्रग्स विभाग द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आमजन के स्वास्थ्य सुरक्षा हितों की रक्षा करना और दवाओं के सुरक्षित एवं वैध वितरण को सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में आज दिनांक 08 जनवरी 2026 को धानपुरा एवं रईसी क्षेत्र में ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा द्वारा 04 मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया गया। औचक निरीक्षण के दौरान दवाओं के भंडारण, पंजीकरण, बिलिंग व्यवस्था तथा क्रय-विक्रय अभिलेखों की गहन जांच की गई। इसके साथ ही 02 मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस अनुदान (Licence Grant) हेतु स्थल निरीक्षण भी किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाइसेंस उन्हीं प्रतिष्ठानों को प्रदान किया जाए जो निर्धारित मानकों, क्षेत्रफल और नियमों का पूर्णतः पालन करते हों। इस प्रक्रिया के माध्यम से अनियमित या अनुपयुक्त स्थानों पर चल रहे प्रतिष्ठानों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया।
इसके अतिरिक्त, सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर 01 मेडिकल स्टोर का विशेष निरीक्षण किया गया। शिकायत से संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया गया और अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर से 04 दवाओं के नमूने जाँच हेतु संग्रहित किए गए, जिन्हें नियमानुसार अधिकृत प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, यदि दवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुकूल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोर्स संचालकों को साफ निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की नारकोटिक या नशीली दवाओं का विक्रय बिना उचित क्रय-विक्रय अभिलेख के नहीं किया जाए। बिना रिकॉर्ड दवाओं की बिक्री या अवैध उपयोग में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने स्टॉक में मौजूद दवाओं की एक्सपायरी तिथि की नियमित जांच करें और एक्सपायरी दवाओं को तत्काल पृथक कर नष्ट करने की प्रक्रिया अपनाएं। निरीक्षण के दौरान भविष्य में एक्सपायरी दवाएं पाए जाने पर भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
ड्रग्स विभाग ने स्पष्ट किया कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इसी के तहत यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस निरीक्षण अभियान से दवा व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों में भी सतर्कता बढ़ी है और लाइसेंस, रिकॉर्ड व गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर जागरूकता आई है। ड्रग्स विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर्स से ही दवाएं खरीदें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि जनहित और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

