पाठशाला में बच्चों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित, शिक्षा और स्वच्छता का दिया संदेश

(ब्योरो रिपोर्ट – दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। कनखल क्षेत्र के अजीतपुर भगवती पुरम स्थित पाठशाला में आज जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। यह पाठशाला सत्यम हेल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। डीएम के आगमन से बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान डीएम मयूर दीक्षित ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व पर विस्तार से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में आगे बढ़ना है और अपने सपनों को साकार करना है, तो नियमित अध्ययन और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मेहनत, लगन और निरंतर परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर बच्चों से सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कठिनाइयों और चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली। बच्चों ने निर्भीक होकर अपनी समस्याएं बताईं, जिन पर डीएम ने गंभीरता से ध्यान देते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की प्राथमिकता यही है कि हर बच्चा बेहतर वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।
डीएम ने बच्चों को खेलकूद के महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचार जन्म लेते हैं और यह पढ़ाई में सकारात्मक परिणाम देते हैं। उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने और समय का सही प्रबंधन करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंतर्गत डीएम मयूर दीक्षित ने सत्यम हेल्प फाउंडेशन की ओर से बच्चों को ट्रैक सूट वितरित किए। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। स्वच्छ वातावरण स्वास्थ्य, शिक्षा और संपूर्ण विकास का आधार है। उन्होंने बच्चों से अपने घर, स्कूल और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने का संकल्प लेने को कहा।
सत्यम हेल्प फाउंडेशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार अरुण कश्यप ने जानकारी दी कि इस पाठशाला में लगभग 80 बच्चे तीन बैचों में अध्ययन कर रहे हैं। यहां बच्चों को निःशुल्क पुस्तकों, स्टेशनरी और नियमित कक्षाओं के साथ हर शनिवार को शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य ऐसे बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण नियमित स्कूल नहीं जा पाते।
कार्यक्रम में पाठशाला स्टाफ से शीतल टंडन, आशा, खुशी कश्यप, वैभव भाटिया सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सामाजिक संस्थाएं शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और समाज को नई दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बच्चे शिक्षा और संस्कार के साथ आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे

