January 27, 2026

आईआईटी रुड़की में 77वें गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन, नवाचार और समावेशी भारत का लिया संकल्प

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

आईआईटी रुड़की, उत्तराखंड | 26 जनवरी 2026 —

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने अपने ऐतिहासिक परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमा, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में अपनी भूमिका को सुदृढ़ रूप से रेखांकित किया।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, छात्र, अधिकारी, कर्मचारी तथा स्कूली बच्चों की उपस्थिति ने एकता, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की सामूहिक भावना को और मजबूत किया। पूरे परिसर में देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला।
संस्थान समुदाय को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने भारत के लोकतांत्रिक सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की शक्ति उसके संवैधानिक मूल्यों और ज्ञान-आधारित विकास में निहित है। उन्होंने एक सुदृढ़, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उच्च शिक्षा संस्थानों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
प्रो. पंत ने कहा कि आईआईटी रुड़की जैसी संस्थाओं की उत्कृष्टता की विरासत के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी है कि अकादमिक ज्ञान और अनुसंधान को वास्तविक सामाजिक और राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में बदला जाए। उन्होंने नवाचार, बौद्धिक संपदा सृजन, आपदा-सहिष्णु अवसंरचना, समावेशी उत्कृष्टता और समुदाय-केंद्रित विकास—विशेष रूप से पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील और हिमालयी क्षेत्रों—में संस्थान के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय विकास के लिए प्रतिक्रियात्मक सोच से आगे बढ़कर विज्ञान-आधारित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और पूर्वानुमानित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। अपने संबोधन में उन्होंने ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि एक विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब अनुसंधान और नवाचार सुदृढ़ अवसंरचना, सशक्त समुदायों और समावेशी विकास की दिशा में केंद्रित हों।
कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, अनुसंधान, नवाचार, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान आईआईटी रुड़की की समग्र शिक्षा, नेतृत्व विकास और उत्कृष्टता की संस्कृति को दर्शाता है।
स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में विशेष जीवंतता जोड़ी और राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता और अनुशासन जैसे मूल्यों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। गणतंत्र दिवस समारोह में संस्थान के उप निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह, कुलसचिव श्री प्रशांत गर्ग सहित डीन, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे।
समारोह का समापन आईआईटी रुड़की समुदाय के इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि संस्थान संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए ज्ञान सृजन, नवाचार और समाज सेवा के माध्यम से भारत की निरंतर प्रगति में सक्रिय और सार्थक योगदान देता रहेगा।

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