हरिद्वार पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, सेल्समैन लूट कांड का खुलासा, अन्तर्राज्यीय गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए नई मिसाल पेश कर रही है। थाना बहादराबाद क्षेत्र में हुई सनसनीखेज सेल्समैन लूट की वारदात का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए अन्तर्राज्यीय गिरोह के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकदी, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और चोरी की मोटर साइकिल बरामद की गई है।
घटना 30 दिसंबर 2025 की है, जब जगजीतपुर स्थित देशी शराब के ठेके से पैसे लेकर सेल्समैन कृष्णा राणा ऑटो के माध्यम से रुड़की के लिए निकला था। पतंजलि रिसर्च सेंटर के पास दो अज्ञात बदमाशों ने उसे रोककर तमंचे के बल पर बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना बहादराबाद में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें बाद में तमंचे के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर धारा 309(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने तत्काल विशेष टीम का गठन कर घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। जांच की निगरानी एएसपी ज्वालापुर जितेन्द्र चौधरी को सौंपी गई। पुलिस टीम ने सीआईयू के सहयोग से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, घटनास्थल के आसपास के मार्गों की निगरानी की और संदिग्धों की रेकी शुरू की।
लगातार कसरत और सक्रिय मुखबिर तंत्र के दम पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली। 4 जनवरी 2026 को नहर पटरी, तिरछा पुल के पास मुखबिर की सूचना पर दो संदिग्धों श्रवण गिरि और प्रणव को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने सेल्समैन से लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 4 लाख 06 हजार रुपये नकद, लूटी गई रकम से खरीदा गया करीब 40 हजार रुपये का मोबाइल फोन, 315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और सिडकुल क्षेत्र से चोरी की गई स्प्लेंडर मोटर साइकिल बरामद की।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अय्याश शौक पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया में उतरे थे। उन्होंने कई दिनों तक सेल्समैन की गतिविधियों की रेकी की और सही मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया। दोनों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और पूर्व में उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कई लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। श्रवण गिरि के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि प्रणव पर भी हरिद्वार और देहरादून में कई मामले चल रहे हैं।
पूछताछ में इस लूट कांड में दो अन्य साथियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है। हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की आमजन द्वारा सराहना की जा रही है। मैनुअल और डिजिटल पुलिसिंग के बेहतरीन तालमेल से एक बार फिर साबित हुआ है कि हरिद्वार पुलिस अपराधियों के लिए किसी भी सूरत में सुरक्षित ठिकाना नहीं है।



