January 28, 2026

सेवा, सुशासन और राष्ट्र-गौरव का संगम: अटल स्मृति वर्ष में सुशासन दिवस एवं वीर बाल दिवस का भव्य आयोजन

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। अटल स्मृति वर्ष के अंतर्गत भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति में सुशासन दिवस तथा सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की अमर शहादत को समर्पित वीर बाल दिवस के अवसर पर भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा के कैंप कार्यालय/सेवा केंद्र पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी एवं वीर साहिबजादों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही वीर साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह जी एवं बाबा फतेह सिंह जी—के अद्वितीय साहस, धर्मनिष्ठा और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा को समर्पित एक विचारधारा थे। उन्होंने राजनीति में शुचिता, संवाद और सहमति की परंपरा को सशक्त किया। उनके नेतृत्व में भारत ने सुशासन, विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को नई दिशा दी। सुशासन दिवस हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है।
विधायक प्रदीप बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की उस अमर शहादत की याद दिलाता है, जिसने धर्म, सत्य और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए अत्याचार के सामने झुकने से इनकार कर दिया। इतनी कम आयु में दिखाया गया उनका साहस आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वीर बाल दिवस की शुरुआत करना एक ऐतिहासिक कदम है, जो नई पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ता है। मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी ने कहा कि वीर साहिबजादों का बलिदान भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उनका त्याग यह संदेश देता है कि राष्ट्र, धर्म और मानवता के लिए समर्पण ही सर्वोच्च कर्तव्य है। आदेश सैनी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अटल जी के सिद्धांतों और वीर बालकों के बलिदान से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा के ज़िला उपाध्यक्ष संजय अरोड़ा ने वीर बाल दिवस के आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इसे वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय सराहनीय है। संजय अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि 14 नवंबर को मनाया जाने वाला बाल दिवस एक विशेष व्यक्तित्व से जुड़ा है, जबकि वीर बाल दिवस का संबंध देश, धर्म और संस्कृति के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले गुरु गोविंद सिंह जी के साहबजादों की शहादत से है।
उन्होंने बताया कि सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चार पुत्र थे, जिनमें से दो बड़े साहबजादे युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि दो छोटे साहबजादों को मुगल शासकों द्वारा दीवार में चुनवा दिया गया। इतनी कम उम्र में भी उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार करते हुए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
संजय अरोड़ा ने कहा कि वीर बाल दिवस के माध्यम से समाज और विशेषकर नई पीढ़ी को इन वीर बालकों के अद्भुत साहस और बलिदान की जानकारी मिलेगी। यह इतिहास अब स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जा रहा है, जिससे बच्चों के मन में देशभक्ति, साहस और संस्कारों की भावना विकसित होगी तथा वे अपने राष्ट्र और संस्कृति के प्रति गर्व महसूस करेंगे। कार्यक्रम के अंत में राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, जिला उपाध्यक्ष सौरभ गुप्ता, भीम सिंह, सतीश सैनी, विभिन्न मोर्चा एवं मंडल अध्यक्षों, मीडिया प्रभारी सहित उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेई जी के आदर्शों पर चलने तथा वीर साहिबजादों की शहादत को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सेवा, त्याग और सुशासन के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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