वीर साहिबजादों की शहादत को नमन: श्री गांधी शिल्प कन्या पाठशाला में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों सरदार जोरावर सिंह जी एवं सरदार फतेह सिंह जी की अमर शहादत को नमन करते हुए श्री गांधी शिल्प कन्या पाठशाला में एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य नन्हे साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान, साहस और धर्मनिष्ठा के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद कल्पना सैनी ने कहा कि सरदार जोरावर सिंह जी और सरदार फतेह सिंह जी का बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। अत्यंत कम आयु में भी उन्होंने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों की शहादत यह संदेश देती है कि सत्य के मार्ग पर चलने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, साहस और आस्था की आवश्यकता होती है। ऐसे महान बलिदान आज की पीढ़ी को नैतिकता और देशभक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष संजय अरोड़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे साहिबजादों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने आचरण में सत्य, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को आत्मसात करें।
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा वीर साहिबजादों के बलिदान पर आधारित विचार प्रस्तुत किए गए, जिससे वातावरण भावुक और प्रेरणादायी बन गया। छात्राओं ने अपने वक्तव्यों के माध्यम से साहिबजादों के त्याग और शौर्य को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों ने भी साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और देशप्रेम को सुदृढ़ करते हैं।कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेता सुशील त्यागी, जिला महामंत्री अक्षय प्रताप, जिला उपाध्यक्ष प्रिया प्रवेश, जिला मंत्री सतीश सैनी, रोमा सैनी, कुणाल सचदेवा सहित सभी उपस्थितजनों ने वीर साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

