राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 6 मार्च।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के बैनर तले राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों ने सरकार पर राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।


इस दौरान रुड़की तहसील के प्रथम राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिस सरकार का गठन राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, बलिदान और समर्थन से हुआ, वही सरकार आज आंदोलनकारियों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान हजारों लोगों ने अपना योगदान दिया, कई लोगों ने जेल यात्राएं कीं और अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन आज उन्हीं आंदोलनकारियों को सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
केंद्रीय कोषाध्यक्ष वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी श्रीमती कमला बमोला ने भी सरकार के रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को इस बात की बहुत पीड़ा है कि जिस सरकार को बनाने में उन्होंने अपना खून-पसीना बहाया, वही सरकार आज आंदोलनकारियों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलनकारियों को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ेगा।
आंदोलनकारियों ने अपने ज्ञापन में मांग की कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए और जो आंदोलनकारी अभी तक चिन्हीकरण से वंचित हैं, उन्हें एक माह के भीतर चिह्नित किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो सभी राज्य आंदोलनकारी “सरकार भगाओ, उत्तराखंड बचाओ” अभियान चलाने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर आंदोलनकारियों ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने ढंडेरा फाटक संख्या 512 पर वर्ष 2013 फरवरी में स्वीकृत ओवर ब्रिज के निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री, महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस नई दिल्ली, निदेशक रेलवे बोर्ड उत्तर रेलवे नई दिल्ली और मंडलीय प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि ढंडेरा फाटक संख्या 512 पर शीघ्र ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि फाटक पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ओवर ब्रिज का निर्माण क्षेत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है।
कार्यक्रम में कई राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे, जिनमें यशोदा बलूनी, रामेश्वरी पंत, नीमा किरोला, बासुदेव पंत, गायत्री पंत, विमला देवरानी, रामेश्वरी खंतवाल, सुरमा रावत, सरोजनी बड़थ्वाल, सीता बड़थ्वाल, बसंती नेगी, भागुली, मालदे करासी, प्रदीप बुढाकोटी, बसंत जोशी, विनोद भट्ट, शिवानंद नौटियाल, सत्यभामा जुगरान, शर्मिला कंडारी, शकुंतला सती और सीताम्बरी नेगी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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