National Human Rights Commission प्रतिनिधिमंडल ने Indian Institute of Technology Roorkee में जेंडर इक्वालिटी एवं ह्यूमन राइट्स पहल की समीक्षा की

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, उत्तराखंड | 02 मार्च 2026। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (एनएचआरसी) के स्पेशल मॉनिटर प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने 28 फरवरी 2026 को आईआईटी रुड़की का दौरा कर संस्थान में जेंडर इक्वालिटी, इंक्लूसिविटी और ह्यूमन राइट्स से जुड़ी व्यवस्थाओं एवं पहलों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैंपस में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, नीतियों और छात्र-कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
संस्थान के निदेशक ने प्रो. त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उनके बहुमूल्य समय के लिए आभार व्यक्त किया। दौरे के दौरान स्टाफ, छात्र-छात्राओं और फैकल्टी सदस्यों के साथ एक संवादात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें एनएचआरसी के उद्देश्यों, अधिदेश (मैंडेट) और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संस्थान के भीतर संवेदनशील एवं समावेशी वातावरण को और सुदृढ़ करना रहा।
निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूसिविटी केवल नीतिगत शब्द नहीं, बल्कि वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकारों की गहरी समझ विकसित करना शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है। आईआईटी रुड़की इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और संस्थान की नीतियों व प्रक्रियाओं में इन मूल्यों को समाहित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान एनएचआरसी के साथ सहयोग की संभावनाओं का अन्वेषण करेगा, ताकि छात्र और फैकल्टी साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकें। पॉलिसी फ्रेमवर्क, गाइडलाइंस और शोध-आधारित सुझावों के मसौदे तैयार करने में भी सहयोग देने की तत्परता व्यक्त की गई।
संस्थान में एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही, ह्यूमन साइंस, हैप्पीनेस और ह्यूमन राइट्स से संबंधित पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का विकास हो सके।
प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के माध्यम से ह्यूमन राइट्स पर एक संरचित अकादमिक प्रोग्राम या कोर्स प्रारंभ करने का सुझाव दिया, जिसे संस्थान ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया। उन्होंने संस्थान द्वारा आयोजित सार्थक संवाद की सराहना करते हुए कहा कि आईआईटी रुड़की में चल रही पहलें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एनएचआरसी आईआईटी रुड़की के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप अवसरों पर कार्य करेगा। इसके माध्यम से ऐप डिज़ाइन, मानवाधिकार से जुड़े नवाचार और पेटेंट जैसे क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा।बैठक में डिप्टी डायरेक्टर, डीन एकेडमिक अफेयर्स, डीन एडमिनिस्ट्रेशन, एसोसिएट डीन स्टूडेंट एक्टिविटीज, चेयरपर्सन डाइवर्सिटी एंड इंक्लूसिविटी, आईसीसी की प्रिसाइडिंग ऑफिसर, प्रो. सोनल आत्रेया, प्रो. शबीना खानम, रजिस्ट्रार सहित अन्य अधिकारी और छात्र उपस्थित रहे।देहरादून रवाना होने से पूर्व प्रो. त्रिपाठी ने एक छात्रावास का निरीक्षण भी किया तथा मेस में विद्यार्थियों के साथ रात्रिभोज किया। उन्होंने स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं संस्थान की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाती हैं।






