ग्राम प्रधान प्रतिनिधियों का अधीक्षण कार्यालय पर प्रदर्शन, लाइनमैन पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप

शहर के अधीक्षण कार्यालय के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब आधा दर्जन गांवों के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण ब्रह्मपुर फीटर पर तैनात लाइनमैन इरफान के विरोध में एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने लाइनमैन पर अवैध वसूली, अभद्र व्यवहार और उपभोक्ताओं को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है की इरफान लाइनमैन नए बिजली कनेक्शन, फाल्ट सुधार और अन्य कार्यों के नाम पर उपभोक्ताओं से बिना रसीद के धनराशि वसूल रहा है। इतना ही नहीं, कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वह अधिकारियों के नाम पर दलाली कर अवैध वसूली को बढ़ावा दे रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधियों ने अपने-अपने लेटर पैड पर लिखित शिकायत विभागीय अधिकारियों को सौंपी है।
प्रदर्शन कर रहे ग्राम प्रधानों का कहना है कि इरफान के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। ग्रामीणों के अनुसार विभागीय जांच में शिकायतें सही पाई गई थीं, जिसके बाद उसे ब्रह्मपुर फीटर क्षेत्र से हटा दिया गया था। उस समय क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार देखने को मिला था और उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब दोबारा उसी लाइनमैन को ब्रह्मपुर फीटर पर तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीओ अनिता सैनी द्वारा उसे पुनः क्षेत्र में रखने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो क्षेत्र में फिर से अव्यवस्था और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट चेतावनी दी यदि लाइनमैन को दोबारा उसी क्षेत्र में नियुक्त किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि लाइनमैन का व्यवहार जनता के प्रति उचित नहीं है और इससे क्षेत्र में विवाद की स्थिति बन सकती है, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधान भारापुर अजय, प्रधान हलवाहेड़ी शौकत, प्रधान मगरूमपुर दीदाहेड़ी तेलूराम, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुबारिक अली, रवि कुमार, डॉ. जहांगीर, फरमान, रियाजुल, प्रदेश सचिव सय्याद, आलमशेर, ताजीम, मोबीन, शहजाद, नवाब, आलम और इनाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने अधीक्षण कार्यालय के बाहर काफी देर तक नारेबाजी की और अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल विभागीय अधिकारियों की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कार्रवाई जरूरी है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या ग्रामीणों की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाता है।






