कोडीन युक्त सिरप व नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई, कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
देहरादून/हरिद्वार/उधमसिंह नगर, 23 फरवरी 2026।
प्रदेश में कोडीन युक्त सिरप और नशा उत्पन्न करने वाली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में सचिवालय में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनहित और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर कड़ी और निरंतर कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के बाद अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर औषधि निरीक्षकों की तीन टीमें गठित की गईं। इन टीमों को अलग-अलग जनपदों में जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। देहरादून में तैनात निरीक्षकों को हरिद्वार, हरिद्वार के अधिकारियों को देहरादून तथा नैनीताल जनपद में तैनात निरीक्षकों को उधमसिंह नगर की जिम्मेदारी दी गई। सभी टीमों को संबंधित औषधि प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं के आधार पर विभागीय टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की। देहरादून जनपद के हर्बर्टपुर क्षेत्र में दो प्रतिष्ठानों—M/s Mystic Pharma Healthcare एवं M/s Trust Way Pharmaceutical—पर औचक छापा मारा गया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद दोनों दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर संबंधित थाने को सुपुर्द कर दिया गया।
इसी प्रकार हरिद्वार जनपद के बहादराबाद क्षेत्र स्थित सलेमपुर में M/s Alimentis Life Sciences Pvt. Ltd. में भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दवाओं के स्टॉक में अनियमितताएं पाए जाने पर उपलब्ध औषधियों को फॉर्म-15 के तहत सीज कर लिया गया है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
उधमसिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में M/s Futec Pharmaceuticals Pvt. Ltd. के प्रतिष्ठान पर भी टीम पहुंची, लेकिन प्रतिष्ठान मौके पर बंद मिला। इस पर टीम ने शटर पर औषधि अधिनियम के अंतर्गत नोटिस चस्पा कर फर्म स्वामी को दूरभाष के माध्यम से सूचित किया। साथ ही निर्देश दिए गए कि प्रतिष्ठान को टीम की उपस्थिति में खोला जाए, ताकि नियमानुसार जांच की जा सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं कोडीन युक्त सिरप या अन्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग अथवा अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और दवा कारोबार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।






