संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के तहत रुड़की में विशाल स्वच्छता अभियान

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट अमृत – स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ के अंतर्गत रविवार को रुड़की में एक व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शहर के प्रमुख घाटों व नहर तटों की सफाई कर स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए स्वयं श्रमदान किया।
अभियान के तहत रविदास घाट, नगर निगम घाट तथा नहर रोड स्थित जल स्रोतों और उनके आसपास के क्षेत्रों में गहन सफाई की गई। स्वयंसेवकों ने घाटों पर फैले प्लास्टिक कचरे, पॉलीथिन, बोतलों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया। सफाई के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि एकत्रित कचरा पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निपटाया जाए, ताकि दोबारा प्रदूषण न फैले।
कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रदीप बत्रा ने स्वयं झाड़ू उठाकर और कचरा एकत्र कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल ही स्वस्थ समाज की नींव है। यदि जल स्रोत प्रदूषित होंगे तो इसका सीधा प्रभाव जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आध्यात्मिक संगठनों की पहल से जनभागीदारी बढ़ती है और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थलों, घाटों और नहर तटों को स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और प्लास्टिक का उपयोग कम करें।
शाखा मुखी सागर कुकरेजा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट अमृत’ वर्ष 2023 से देशभर में चलाया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य नदियों, तालाबों, झीलों और अन्य जल स्रोतों की सफाई कर लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
अभियान के दौरान स्थानीय नागरिकों को जल संरक्षण के महत्व, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कई युवाओं और महिलाओं ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी स्वयंसेवकों और जनप्रतिनिधियों ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी ऐसे अभियानों के माध्यम से समाज को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
यह स्वच्छता अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि इससे समाज में सामूहिक जिम्मेदारी और सेवा भाव की भावना भी सशक्त हुई।






