हरिद्वार में कुंभ 2027 की तैयारियां तेज, 32 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ मेला 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेलाधिकारी सोनिका मीना ने स्पष्ट किया है कि इस बार मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र को 32 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिससे प्रत्येक सेक्टर में योजनाबद्ध ढंग से व्यवस्थाएं लागू की जा सकें और निगरानी मजबूत रहे।
मेलाधिकारी के अनुसार कार्यों को दो श्रेणियों—स्थायी और अस्थायी—में बांटा गया है। स्थायी कार्यों के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, नए पुलों का निर्माण, घाटों का विस्तार और मरम्मत जैसे विकास कार्य शामिल हैं। वहीं अस्थायी कार्यों में टेंट सिटी की स्थापना, पेयजल आपूर्ति, अस्थायी शौचालय, बिजली व्यवस्था और सफाई प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ प्रस्तावित परियोजनाएं भी अंतिम चरण में हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।घाटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुराने घाटों की मरम्मत की जा रही है तथा कुछ नए घाट भी बनाए जा रहे हैं। स्नान के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी और एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की गई है, जिसमें यातायात व्यवस्था और पार्किंग स्थलों का भी समुचित प्रबंध शामिल है।स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत स्वास्थ्य मेला अधिकारी की नियुक्ति की जा चुकी है। उनकी देखरेख में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें तैनात रहेंगी। अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस सेवाएं और 24 घंटे उपलब्ध मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन दल भी तैयार रहेगा।मेलाधिकारी सोनिका मीना ने बताया कि लगातार वर्चुअल बैठकों और स्थलीय निरीक्षणों के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कुंभ मेला 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं मिलें, ताकि वे यहां से एक सुखद और आध्यात्मिक अनुभव लेकर लौटें।






