आठ वर्षीय आध्या साहा की देशभक्ति ने जीता दिल,वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल,आध्या साहा बनीं शहर का गौरव

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
मैनपुरी। शहर की नन्ही और प्रतिभाशाली गायिका आध्या साहा इन दिनों अपनी भावपूर्ण गायन प्रस्तुति को लेकर चर्चा में हैं। सुदिती ग्लोबल एकेडमी की कक्षा तीन की छात्रा और मात्र आठ वर्ष की आध्या ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी मधुर और सधी हुई आवाज से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित श्रोता भावुक हो उठे। उन्होंने प्रसिद्ध देशभक्ति गीत संदेशे आते हैं को बेहद संवेदनशील और आत्मीय अंदाज में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग उनकी प्रतिभा की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान जैसे ही आध्या ने “संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं…” गाना शुरू किया, पूरे सभागार में सन्नाटा छा गया। उनकी मासूम आवाज में देशप्रेम की सच्ची भावना स्पष्ट झलक रही थी। कई दर्शको की आंखें नम हो गईं और गीत समाप्त होते ही तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज उठा। इतनी कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और भावनात्मक गहराई के साथ उन्होंने यह गीत प्रस्तुत किया, वह काबिले-तारीफ रहा।
आध्या ने केवल देशभक्ति गीत ही नहीं, बल्कि “सत्यम शिवम सुंदरम” और “यह समा समा है यह प्यार का” जैसे लोकप्रिय गीत भी लाइव मंच पर प्रस्तुत किए। हर गीत में उनकी सुरों पर पकड़, स्पष्ट उच्चारण और भावनात्मक अभिव्यक्ति ने दर्शकों को प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति से यह साफ हो गया कि वह संगीत को केवल गाती ही नहीं, बल्कि उसे महसूस भी करती हैं।
आध्या साहा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा की पुत्री हैं। उनकी माता कोमल साहा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। परिवार में शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों के साथ-साथ कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है। परिजनों का कहना है कि आध्या को बचपन से ही संगीत में विशेष रुचि रही है और वह नियमित रूप से अभ्यास करती हैं। स्कूल के कार्यक्रमों में भी वह उत्साहपूर्वक भाग लेती हैं।
सोशल मीडिया पर उनकी प्रस्तुति को लेकर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा कि इतनी कम उम्र में इतनी परिपक्व और संवेदनशील गायकी विरले ही देखने को मिलती है। संगीत प्रेमियों का मानना है कि आध्या जैसी उभरती प्रतिभाएं नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संगीत से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
आज आध्या न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे मैनपुरी के लिए गर्व का कारण बन गई हैं। उनकी यह प्रस्तुति यह साबित करती है कि सच्ची प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी बच्चा अपने सपनों को साकार कर सकता है। भविष्य में आध्या से और भी शानदार प्रस्तुतियों की उम्मीद की जा रही है।






