भीषण ठंड में जरूरतमंदों के लिए आगे आए करतार सिंह भड़ाना, छात्रों के चेहरों पर खिली मुस्कान

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
(नारसन/मंगलौर)
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण ठंड और शीतलहर के बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए जरूरतमंदों की सहायता का बीड़ा उठाया। उन्होंने गुरुकुल नारसन स्थित राजा महेंद्र प्रताप स्कूल में अध्ययनरत सैकड़ों छात्र-छात्राओं को गर्म स्वेटर और जर्सियां वितरित कीं। ठंड के इस कठिन समय में गर्म कपड़े पाकर छात्रों के चेहरों पर खुशी और राहत साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर बच्चों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में स्वेटर मिलने से उन्हें स्कूल आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। कई छात्रों ने कहा कि ठंड के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब उन्हें राहत मिलेगी। बच्चों ने इस नेक पहल के लिए करतार सिंह भड़ाना का दिल से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में करतार सिंह भड़ाना ने कहा कि समाज में आज भी कई ऐसे बच्चे हैं, जिनके पास ठंड से बचने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। उन्होंने कहा, “भीषण सर्दी का दौर चल रहा है। ऐसे में जरूरतमंद बच्चों की मदद करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों की तकलीफ देखकर मन द्रवित हो गया और इसी भावना के साथ जर्सियों का वितरण किया गया।”
मंगलौर की राजनीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में करतार सिंह भड़ाना ने बेबाकी से कहा, “वक्त से पहले और नसीब से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता। अगर परमात्मा ने किसी की किस्मत में विधायक बनना लिखा है, तो दुनिया की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। किस्मत में जो लिखा है, उसे कोई नहीं छीन सकता।”
इसी कार्यक्रम के तहत पिरपुरा और नसीरपुर गांव के ग्रामीणों को भी भड़ाना ने अपने कार्यालय पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार जताया और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया।
उप ब्लॉक प्रमुख विक्रांत राठी ने भी करतार सिंह भड़ाना के सेवा भाव की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भड़ाना हमेशा जनसेवा के कार्यों में अग्रणी रहे हैं। “राजनीति से ऊपर उठकर समाज के अंतिम व्यक्ति और जरूरतमंद बच्चों की चिंता करना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। बच्चों को गर्म कपड़े बांटना वास्तव में प्रशंसनीय कदम है,” उन्होंने कहा।
वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने जिस संवेदनशीलता के साथ बच्चों की पीड़ा को समझा और मदद की, वह समाज के लिए प्रेरणा है।
कार्यक्रम में स्थानीय लोग, अभिभावक और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदना और सेवा का सकारात्मक संदेश भी देने में सफल रहा।

