हरिद्वार में स्वच्छता अभियान की अनदेखी पड़ी महंगी,सहायक विकास अधिकारी पंचायत पर हुई कड़ी कार्रवाई

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
जिले में चल रहे विशेष स्वच्छता महाअभियान के बीच जमालपुर कलां गांव में फैली गंदगी और कूड़ा-कचरे के ढेर प्रशासन के संज्ञान में आने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ललित नारायण मिश्रा द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद विकास खंड बहदराबाद में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने की संस्तुति की गई है। साथ ही उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उन्होंने आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ग्राम जमालपुर कलां में जगह-जगह अत्यधिक कूड़ा और गंदगी फैली हुई है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर भी विशेष स्वच्छता महाअभियान संचालित किया जा रहा है। इसके बावजूद गांव में स्वच्छता की दयनीय स्थिति यह दर्शाती है कि संबंधित अधिकारीयों द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया।
सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि विकास खंड बहदराबाद के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पहले भी ग्रामों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार न दिखाई देना गंभीर लापरवाही तथा कर्तव्य के प्रति उदासीनता का संकेत है। उन्होंने कहा कि अधिकारी का यह रवैया न केवल उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना है, बल्कि जनहित के महत्वपूर्ण अभियानों को कमजोर भी करता है।
इसी संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत के विरुद्ध विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने की संस्तुति की है। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं कि अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन आहरित न किया जाए। यह कार्रवाई विभागीय उत्तरदायित्व और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्वच्छता महाअभियान का मूल उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, स्वास्थ्य संरक्षण और स्वच्छ वातावरण की स्थापना है। प्रशासन का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी ही अभियान में सक्रिय भागीदारी न निभाएं, तो इसके परिणाम प्रभावी रूप से सामने नहीं आ सकते। इसलिए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें।
ग्रामीणों ने भी स्वच्छता व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया और उम्मीद जताई कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद गांव में साफ-सफाई की स्थिति बेहतर होगी। सीडीओ ने स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान में शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से गांवों का निरीक्षण करने और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
इस कार्रवाई के बाद अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विकास खंड स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था में किस प्रकार सुधार होता है और क्या इस कदम से अन्य अधिकारियों में भी जवाबदेही की भावना प्रबल होती है।

