हरिद्वार में अनधिकृत प्लॉटिंग पर रुड़की हरिद्वार विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, जेसीबी से 45 बीघा अवैध कॉलोनी ध्वस्त, मचा हड़कम्प

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। शहर में तेजी से फैल रही अनधिकृत प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ भू-माफिया बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से प्लॉटिंग विकसित कर रहे हैं, जिससे न केवल शहरी नियोजन प्रभावित हो रहा है बल्कि आम जनता के साथ धोखाधड़ी की आशंका भी बढ़ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्सर रोड हरिद्वार में जमालपुर रोड से किशनपुर जाने वाले मार्ग पर मैदा मील के बगल में लगभग 5 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी। इसी प्रकार इक्कड़ खुर्द सराय रोड हरिद्वार में स्वर्ण लोक कॉलोनी के बगल में मुबारक अली द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। इसके अलावा मंगलौर क्षेत्र में टांडा भनेड़ा रोड पर अब्दुल्ला द्वारा भी करीब 20 बीघा क्षेत्रफल में अनधिकृत प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी।
इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार विकास प्राधिकरण द्वारा उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की ओर से संबंधित अवैध निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध वाद योजित किए गए और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा प्लॉटिंग कार्य न किया जाए।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, बार-बार निर्देश और नोटिस दिए जाने के बावजूद अनधिकृत निर्माणकर्ताओं द्वारा निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण टीम ने पुलिस बल की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग से संबंधित संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, वहीं प्राधिकरण की सख्ती से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
प्राधिकरण ने मौके पर उपस्थित अनधिकृत निर्माणकर्ताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य किया गया तो और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और कानूनी दंड शामिल हो सकता है। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार का प्लॉट या संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य जांच लें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के नियोजित विकास और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अनधिकृत प्लॉटिंग न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और कानूनी विवादों का कारण भी बनती है। इसलिए प्राधिकरण किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि हरिद्वार विकास प्राधिकरण अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ कार्य कर रहा है और आने वाले समय में भी ऐसे मामलों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई जारी

