रूड़की के नारसन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की 101वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
रूड़की के नारसन क्षेत्र में देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की 101वीं जयंती पूरे श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। यह आयोजन भाजपा के वरिष्ठ नेता करतार सिंह भड़ाना के कार्यालय पर आयोजित किया गया, जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और क्षेत्रीय नेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए भाजपा नेताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम की शुरुआत अटल बिहारी बाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पूरा माहौल “अटल बिहारी बाजपेयी अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।इस मौके पर भाजपा नेता करतार सिंह भड़ाना ने 101 पाउंड का विशाल केक काटा, जो अटल बिहारी बाजपेयी की 101वीं जयंती का प्रतीक रहा। केक काटने के बाद इसे सभी उपस्थित लोगों में वितरित किया गया। इस आयोजन ने जयंती समारोह को और भी यादगार बना दिया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को केक खिलाकर अटल जी की स्मृतियों को साझा किया।करतार सिंह भड़ाना ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपनी सादगी, विचारशीलता और दूरदर्शिता से देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि अटल जी न केवल एक कुशल और लोकप्रिय प्रधानमंत्री थे, बल्कि वे एक महान कवि, प्रखर वक्ता और संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी भी थे। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवता और संवेदना का भाव स्पष्ट झलकता है।उन्होंने आगे कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी की राजनीति संवाद, सहमति और समन्वय पर आधारित थी। उनके नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। सड़क, संचार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उनके योगदान को देश आज भी याद करता है। उनके विचार आज भी युवाओं और नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।कार्यक्रम की एक विशेष झलक उस समय देखने को मिली जब अटल बिहारी बाजपेयी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से अटल जी के व्यक्तित्व, उनके आदर्शों और राष्ट्रभक्ति को शब्दों में प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन ने कार्यक्रम को एक भावनात्मक और सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया, जिससे उपस्थित लोग भावविभोर हो गए।कार्यक्रम के अंत में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अटल बिहारी बाजपेयी के दिखाए मार्ग पर चलने, उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने और देशहित में कार्य करने का संकल्प लिया। श्रद्धा, स्मरण और संकल्प के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन अटल जी के प्रति एक सच्ची और भावपूर्ण श्रद्धांजलि साबित हुआ।

