रुड़की के सरकारी अस्पताल में भाविप समर्पण का सराहनीय प्रयास,गोद लेकर उनके उपचार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
(रुड़की, 21 अगस्त 2026) विकास परिषद (भाविप) समर्पण शाखा रुड़की की ओर से शुक्रवार में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रुड़की में टीबी उन्मूलन और मरीजों को स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शाखा ने 25 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें नियमित उपचार लेने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष इंजि. राकेश गर्ग ने कहा कि जीवन उसी व्यक्ति का श्रेष्ठ और सार्थक है, जो दूसरों को सुखपूर्वक जीना सिखाता है। उन्होंने कहा कि समाज के दुखी, असहाय और कमजोर वर्ग की सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना मानव सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार मिश्रा ने भाविप समर्पण शाखा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद जैसी संस्थाएं समाज के कमजोर वर्गों को अपने संसाधनों के माध्यम से सहयोग देकर उन्हें स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने टीबी मरीजों से चिकित्सकों की सलाह के अनुसार नियमित दवा लेने और उपचार बीच में न छोड़ने की अपील की।
टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अजय भार्गव ने कहा कि सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि भाविप समर्पण शाखा के सदस्य अपने संसाधनों से टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि मरीज उपचार के दौरान बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकें। उन्होंने मरीजों से उपलब्ध कराए गए पौष्टिक आहार का नियमित रूप से सेवन करने का आग्रह किया।
नशे से दूरी ही स्वस्थ जीवन की कुंजी
कार्यक्रम के सह संयोजक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर चौधरी ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए खान-पान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। बच्चों और युवाओं में भी अस्वास्थ्यकर खान-पान, पौष्टिक आहार की कमी और नशे की आदतों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से मादक पदार्थों का पूरी तरह त्याग करने की अपील की।
डॉ. गोपाल रोहिला और डॉ. मधुरिमा ने भी स्वस्थ रहने के लिए पूर्ण नशामुक्त जीवन अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता, पौष्टिक आहार और नियमित उपचार बेहद जरूरी हैं।
कार्यक्रम में सचिव सोमेन कर्माकर, हर्ष प्रकाश, रविंद्र गिरी काला, डॉ. सुनीता, आशीष कुमार, सुरेंद्र कुमार सहित चिकित्सालय के कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को भरोसा दिलाया गया कि उपचार के साथ उन्हें सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।








