August 22, 2026

यूओयू के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने किया मोहिनी देवी डिग्री कॉलेज का निरीक्षण,स्मृतिचिह्न भेंट कर किया सम्मानित

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)

रुड़की। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शनिवार को रुड़की स्थित मोहिनीदेवी डिग्री कॉलेज के अध्ययन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं और अध्ययन केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी कॉलेज प्रशासन से ली। कॉलेज प्रशासन की ओर से कुलपति का स्वागत किया गया और स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. लोहनी ने परिसर में पौधरोपण भी किया।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का उद्देश्य दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अब उत्तराखंड के साथ देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल के विद्यार्थी भी यूओयू में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में 8 क्षेत्रीय केंद्रों और 145 अध्ययन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ रहा है। विश्वविद्यालय ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो किसी कारणवश नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि यूओयू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों को तैयार और अद्यतन कर रहा है। इसके साथ ही शोध, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

समय पर अंकतालिका और डिग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता

कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को समय पर अंकतालिका और डिग्री उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। दीक्षांत समारोह के एक माह के भीतर छात्र-छात्राओं को अंकतालिका एवं डिग्री उपलब्ध कराने की दिशा में विश्वविद्यालय प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

15 सितंबर तक सभी परीक्षा परिणाम घोषित करने का लक्ष्य

परीक्षा परिणामों में तेजी लाने के लिए विश्वविद्यालय में केंद्रीय मूल्यांकन व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रो. लोहनी ने बताया कि वर्तमान सत्र की परीक्षाएं 27 अगस्त 2026 को समाप्त होंगी, लेकिन परीक्षा समाप्त होने से पहले ही शनिवार को पहला परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने 15 सितंबर तक सभी परीक्षा परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से यूओयू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपनी शैक्षिक योग्यता और कौशल बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।

आठ गांवों को लिया गोद

प्रो. लोहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय ने अपने आठों क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से आठ गांवों को गोद लिया है। इन गांवों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

सैनिकों और बंदियों के लिए विशेष अध्ययन केंद्र

कुलपति ने बताया कि सैनिकों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप, रुड़की तथा कुमाऊं रेजिमेंट, रानीखेत में विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं जिला कारागार हरिद्वार, हल्द्वानी और सितारगंज में बंदियों के लिए भी विशेष अध्ययन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।

इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी, उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह, मोहिनीदेवी डिग्री कॉलेज के एमडी डॉ. योगेश सिंघल, निदेशक अक्षय सिंघल, समन्वयक मनीषा सिंघल, डॉ. राजेश पालीवाल, डॉ. मोहित कुमार, डॉ. जय कुंवार, लाइब्रेरियन रीतू चौधरी, डॉ. राम भरोसे, डॉ. संदीप कश्यप, राहुल कुमार, डॉ. आकाश दीप त्यागी, राजकीय महाविद्यालय मंगलौर की प्राचार्य डॉ. राखी पंचोला सहित कॉलेज प्रशासन, विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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