हरेला पर्व पर सभी प्रदेश व क्षेत्रवासियों को श्रीमती कुसुम काला एवं हर्ष प्रकाश काला की और से हार्दिक शुभकामनाएं
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
श्रीमती नीमा देवी काला पब्लिक सेकेंडरी स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती कुसुम काला एवं हर्ष प्रकाश काला (समाजसेवी, पूर्व अध्यक्ष रोटे एवं केंद्रीय अध्यक्ष, अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति) की ओर से समस्त प्रदेशवासियों एवं क्षेत्रवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
हरेला पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली लेकर आए। आइए, इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें तथा हरित, स्वच्छ और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण में अपना योगदान दें। “एक पेड़ माँ के नाम” लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। सभी को हरेला पर्व की हार्दिक श्रीमती नीमा देवी काला पब्लिक सेकेंडरी स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती कुसुम काला ने कहा हरेला पर्व उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देता है। आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।
विद्यालयों की भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार देना आवश्यक है। यदि प्रत्येक छात्र अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सकेगा।
मैं हरेला पर्व के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूँ तथा अपील करती हूँ कि इस पर्व को केवल एक परंपरा तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाएं। आइए, हम सभी मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं, उनका संरक्षण करें और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हरित, स्वच्छ और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
पूर्व अध्यक्ष रोटे एवं अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने कहा
हरेला पर्व हमारी संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण लोकपर्व है। यह पर्व हमें धरती को हरा-भरा बनाने, जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रेरित करता है। आज पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प ले।
हम सभी को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण को संतुलित रखने में अपनी भूमिका निभा सकें। समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं और बच्चों को इस अभियान से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
मैं हरेला पर्व के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ और आग्रह करता हूँ कि “एक पेड़ मां के नाम” जैसे जनहितकारी अभियानों को अपनाकर प्रकृति संरक्षण में अपना योगदान दें। आइए, हम सभी मिलकर हरियाली बढ़ाने, स्वच्छ पर्यावरण बनाने और उत्तराखंड को और अधिक हरित, सुंदर एवं समृद्ध बनाने का संकल्प लें। यही हरेला पर्व का वास्तविक संदेश और हमारी प्रकृति के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
