गंगनहर सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, संयुक्त मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। गंगनहर क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जनहानि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की श्री दीपक रामचंद्र सेठ की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य गंगनहर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकना रहा। यह पहल भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह द्वारा दिए गए सुझावों और उठाई गई चिंताओं के बाद की गई।

बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) के प्रोफेसरगण, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH) के जल विशेषज्ञ, सेना के प्रतिनिधि, एमएनए, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग एवं उत्तराखंड सिंचाई विभाग के सिविल इंजीनियर तथा वास्तुविद उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने गंगनहर में जल प्रवाह, संरचनात्मक स्थिति और जोखिम वाले स्थलों का तकनीकी आकलन प्रस्तुत किया तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पुलों और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थलों पर सुरक्षा हार्नेस और मजबूत रस्सियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। गंगनहर क्षेत्र का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा, जिसके तहत संवेदनशील स्थानों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य किए जाएंगे। जिन घाटों पर जल प्रवाह कम या बंद रहता है और जहां लोग बैठकर समय बिताते हैं, वहां विशेष रूप से मजबूत और ऊंची रेलिंग लगाने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, डिजिटल सूचना पट्ट, लाउडस्पीकर और जनजागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे, ताकि लोग संभावित खतरों के प्रति सतर्क रह सकें। प्रशासन द्वारा स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से नियमित निगरानी बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आईआईटी रुड़की के सहयोग से विद्यार्थियों के बीच एक नवाचार प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में छात्रों से गंगनहर घाटों की सुरक्षा के लिए आधुनिक, तकनीकी और कम लागत वाले समाधान आमंत्रित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप स्थायी सुरक्षा मॉडल तैयार किया जा सके।
जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने संयुक्त मजिस्ट्रेट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेकर यह बैठक आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीकी संस्थानों, प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से गंगनहर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि निर्धारित समयसीमा में सभी सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा, ताकि गंगनहर में होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।






