भारत विकास परिषद रुड़की ने सर्दी में जरूरतमंदों को दी राहत,500 से अधिक लोगों को गरम खिचड़ी,50 कंबल बांटे

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। भारत विकास परिषद, मुख्य शाखा, रुड़की द्वारा नगर निगम के निकट कड़ाके की ठंड के बीच एक व्यापक और अत्यंत सराहनीय सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सैकड़ों जरूरतमंदों को गरम भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ठंड से बचाव हेतु कंबलों का वितरण किया गया। परिषद के इस मानवीय प्रयास ने समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान 500 से अधिक जरूरतमंद लोगों को गरम-गरम खिचड़ी वितरित की गई। सर्द मौसम में गर्म भोजन मिलने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिली। इसके अतिरिक्त, भीषण ठंड से सबसे अधिक प्रभावित 50 अत्यंत जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल प्रदान किए गए, जिससे उन्हें ठंड से बचाव के साथ-साथ सुरक्षित रहने में सहायता मिली। भोजन और कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष और राहत स्पष्ट दिखाई दी।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में भारत विकास परिषद के अनेक सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में आशा चंद्रा, सलील शांडिल्य, विपिन संगल, निधि शांडिल्य, नलिन टायल, सौरभ सिंघल, संजय सिंघल, अनिका सिंघल, स्वीटी अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, शशिकांत, सावित्री मंगला, नितिन गोयल, प्रताप, उमा गुप्ता एवं अशोक गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी सदस्यों ने मिलकर सेवा कार्य को सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं सफल बनाया।
इस अवसर पर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती आशा चंद्रा ने कहा कि भारत विकास परिषद का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, असहाय और जरूरतमंद वर्गों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में ऐसे सेवा कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होते हैं और परिषद भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।
परिषद की सचिव श्रीमती निधि शांडिल्य ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, स्वयंसेवकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिषद की टीम भावना और सेवा के प्रति समर्पण के कारण ही ऐसे कार्यक्रम सफल हो पाते हैं। साथ ही उन्होंने समाज के अन्य सक्षम वर्गों से भी सेवा कार्यों में सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सफल रहा। लाभार्थियों ने भारत विकास परिषद के इस मानवीय प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। यह सेवा अभियान न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत का माध्यम बना, बल्कि समाज में आपसी सहयोग, करुणा और सामाजिक दायित्व की भावना को भी मजबूत करने वाला सिद्ध

