विद्युत चोरी पर बड़ी कार्रवाई मंगलोर कस्बे से पकड़े 29 बिजली चोरी के मामले, तीन संयुक्त टीमों ने चलाया सघन अभियान

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। विद्युत वितरण खण्ड ग्रामीण रुड़की के अंतर्गत लगातार प्राप्त हो रही विद्युत चोरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग ने रविवार को व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया। दिनांक 29 दिसंबर 2025 को उपखण्ड मंगलौर, लंढौरा एवं झबरेड़ा की तीन संयुक्त टीमों का गठन कर सुबह-सुबह विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। इस अभियान का उद्देश्य विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना, विभाग को हो रहे राजस्व नुकसान को रोकना तथा ईमानदार उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना रहा।
संयुक्त टीमों द्वारा अभियान के दौरान कुल 41 स्थानों पर विद्युत चेकिंग की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से विद्युत चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान ग्राम लिब्बरहेड़ी क्षेत्र में स्थित 12 गन्ना चरखियों की गहन जांच की गई, जिसमें से 4 गन्ना चरखियों पर डायरेक्ट केबल डालकर बिजली चोरी किए जाने का मामला सामने आया। वहीं 8 अन्य गन्ना चरखियों पर अनधिकृत रूप से विद्युत का उपयोग किया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने इन मामलों को गंभीर मानते हुए आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी क्रम में मंगलौर कस्बे के मोहल्ला पठानपुर, मलानपुरा एवं मोहल्ला सर्वज्ञान क्षेत्रों में भी सघन चेकिंग की गई। इन इलाकों में कुल 29 मामलों में विद्युत चोरी पकड़ी गई। इनमें घरेलू तथा व्यावसायिक उपभोक्ता दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों से लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते इन्हें विशेष रूप से चेकिंग अभियान में शामिल किया गया।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व उपखण्ड अधिकारी मंगलौर श्री अनुभव सैनी, उपखण्ड अधिकारी लंढौरा श्री गुलशन बुलानी तथा उपखण्ड अधिकारी झबरेड़ा मौ. रिजवान ने किया। इनके साथ अभियंता श्री विकास कुमार, श्री मनमोहन, श्री अशोक, मो. नसीम सहित अन्य अभियंता एवं लाइन स्टाफ भी मौके पर मौजूद रहा। टीमों ने नियमानुसार विद्युत कनेक्शनों की जांच करते हुए साक्ष्य एकत्र किए और मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की।
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी विद्युत चोरी के मामलों में संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, बकाया वसूली तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई शामिल होगी। विभागीय अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे औचक जांच अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि विद्युत चोरी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।
अंत में विद्युत विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे विद्युत का उपयोग केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें। बिजली चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे विभाग को नुकसान होने के साथ-साथ ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है।

