Nothing ने IIT रुड़की और IISc-FSID के साथ किया रणनीतिक समझौता, भारत के डीप-टेक नवाचार को मिलेगी नई उड़ान
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की/नीस (फ्रांस), 15 जून 2026। भारत के नवाचार और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लंदन स्थित उपभोक्ता प्रौद्योगिकी कंपनी Nothing ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की फाउंडेशन फॉर साइंस, इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (FSID) के साथ दो रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह घोषणा फ्रांस के नीस शहर में आयोजित “भारत इनोवेट्स 2026” कार्यक्रम के दौरान की गई।
समारोह में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, IIT रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एवं पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। समझौता ज्ञापनों पर Nothing के सह-संस्थापक एवं भारत अध्यक्ष अकिस इवैंजेलिडिस, IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत तथा IISc के निदेशक प्रो. गोविंदन रंगराजन ने हस्ताक्षर किए।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित भारत इनोवेट्स 2026 एक वैश्विक मंच है, जिसका उद्देश्य भारत के उभरते डीप-टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थानों और नीति निर्माताओं से जोड़ना है। जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित यह कार्यक्रम भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और वैश्विक नवाचार नेतृत्व को प्रदर्शित करता है।
Nothing के सह-संस्थापक एवं भारत अध्यक्ष अकिस इवैंजेलिडिस ने कहा कि भारत में नवाचार की अगली लहर अकादमिक जगत, उद्यमियों और उद्योगों के बीच मजबूत सहयोग से पैदा होगी। उन्होंने कहा कि कंपनी छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर के उत्पाद विकसित करने के लिए आवश्यक अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
IIT रुड़की के साथ हुए समझौते के तहत Nothing छात्रों और शोधकर्ताओं को मेंटरशिप, विशेषज्ञ व्याख्यान, उद्योग आधारित केस स्टडी और उत्पाद विकास संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन, डीप-टेक नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्रों में ज्ञान-साझाकरण गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों संस्थान मिलकर भविष्य में एक इंडस्ट्रियल डिज़ाइन चैलेंज आयोजित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करेंगे, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
वहीं IISc और FSID के साथ साझेदारी के अंतर्गत Nothing, संस्थान में इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, नेटवर्किंग और संभावित व्यावसायिक सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। साथ ही छात्रों और युवा उद्यमियों के लिए उद्योग से जुड़ाव बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम, अतिथि व्याख्यान और कंपनी सुविधाओं के भ्रमण जैसी पहलें भी की जाएंगी।
IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा कि यह समझौता उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत सेतु निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं IISc के निदेशक प्रो. गोविंदन रंगराजन ने इसे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊर्जा देने वाली पहल बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि Nothing, IIT रुड़की और IISc-FSID के बीच यह साझेदारी भारत के डीप-टेक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ अनुसंधान के व्यावसायीकरण, स्टार्टअप विकास और वैश्विक तकनीकी सहयोग को भी नई गति प्रदान करेगी। यह पहल भारत को विश्वस्तरीय नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
