नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, बालिका सकुशल बरामद पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में बढ़ोतरी
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 10 जून। हरिद्वार पुलिस ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के एक गंभीर मामले का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भगवानपुर पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई के चलते न केवल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया, बल्कि नाबालिग बालिका को भी सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 जून 2026 को भगवानपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कोतवाली भगवानपुर में तहरीर देकर अपनी नाबालिग पुत्री के लापता होने की सूचना दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक युवक उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस को आरोपी के सहारनपुर जनपद में होने की जानकारी मिली।
जांच के दौरान आरोपी की पहचान अजय पुत्र तीरथपाल निवासी ग्राम घसोती, थाना रामपुर मनिहारन, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस टीम ने 8 जून 2026 को आरोपी के गांव में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। साथ ही नाबालिग बालिका को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
हरिद्वार पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(k) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(k)(m)/6 की बढ़ोतरी की गई है। इन धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
इस संबंध में हरिद्वार पुलिस का कहना है कि नाबालिग बालिका की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। पुलिस टीम ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए मामले का सफल खुलासा किया है।
इस अभियान में उपनिरीक्षक आशीष नेगी, कांस्टेबल विनय थपलियाल तथा महिला पीआरडी सोनिया शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और मेहनत के कारण मामले का शीघ्र खुलासा संभव हो सका। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
