मंगलोर – मोहिनी डिग्री कॉलेज में नीरज, बेकल उत्साही और बशीर बद्र की याद में सजा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा, कवियों ने बांधा समा
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की मंगलोर। साहित्यकार समाज को जोड़ने के साथ-साथ देश की संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्तम साहित्य ही एक बेहतर समाज और राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करता है। यह विचार उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त जिला जज एवं प्रसिद्ध शायरा मीना खान ‘नाज़’ ने मोहिनी देवी डिग्री कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन पद्मविभूषण गोपाल दास नीरज, पद्मश्री बेकल उत्साही और पद्मश्री बशीर बद्र की स्मृति में किया गया।
मुख्य अतिथि एसपी देहात प्रोफेसर शेखर चंद सुयाल ने कहा कि कविता और शायरी केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि एक साधना है। कवि सांसारिक उलझनों से अलग अपनी एक विशिष्ट दुनिया रचता है, जो समाज को नई दिशा देने का कार्य करती है। वहीं सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी और सीओ भगवानपुर दक्ष शोखण्ड ने कहा कि आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में भी कविता और शायरी की मौलिकता का कोई विकल्प नहीं है। कवि जिन भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करता है, उन्हें कोई तकनीक पूरी तरह व्यक्त नहीं कर सकती।
कार्यक्रम में विधायक काजी निजामुद्दीन, उद्योगपति एवं न्यूटेक ग्रुप्स इंडिया-दुबई के सीईओ मुशर्रफ अली खान, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, श्यामवीर सैनी, युवा समाजसेवी इंजीनियर चैरब जैन, अनिता गुप्ता, अरविंद गुप्ता, मुफ्ती शमून कासमी और प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की और महान साहित्यकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
देशभर से आए कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आजमगढ़ से आए शायर मैकश आजमी ने पढ़ा, “अपनी पलकों को कभी तर नहीं होने देंगे, ऐ मोहब्बत तुझे बेघर नहीं होने देंगे।” प्रशासनिक अधिकारी एवं शायरा मोनिका अरोरा मंतशा ने अपनी गजल के माध्यम से भावनाओं को स्वर दिया। शशांक नीरज ने राजनीति पर व्यंग्य करते हुए कहा, “वो जहर देती है लेकिन दवा नहीं देती, ये सियासत किसी को वफा नहीं देती।” वहीं कवि मनोज आर्य ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
अंतरराष्ट्रीय शायर एवं कार्यक्रम संयोजक अफजल मंगलौरी ने अपने विशिष्ट अंदाज में पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने अपनी शायरी से भी श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ शायर मैकश आजमी की सरस्वती वंदना और सैयद नफीसुल हसन के देशभक्ति गीत से हुआ।
इस अवसर पर मोहिनी देवी डिग्री कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश सिंघल, सुशील सिंघल, चेयरमैन मनीषा सिंघल, डायरेक्टर अक्षय सिंघल सहित कॉलेज परिवार ने अतिथियों, कवियों और पत्रकारों का शॉल, पुष्पमालाओं एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। अंत में कॉलेज की चेयरमैन मनीषा सिंघल ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।
