सड़क पर तड़पते घायलों की मदद को आगे आए चैरब जैन,समय पर पहुंचाया अस्पताल,मानवता से बढ़कर नहीं कोई धर्म: चैरब जैन

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रूड़की। आज के दौर में जहां सड़क दुर्घटनाओं के बाद अक्सर लोग तमाशबीन बने रहते हैं, वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं फोनिक्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन चैरब जैन ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दो घायल युवकों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जादूगर रोड पर शनिवार शाम हुए एक भीषण सड़क हादसे में उन्होंने बिना समय गंवाए घायलों को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाकर उनका उपचार शुरू कराया।प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 6:30 बजे चैरब जैन अपने आवास से जादूगर रोड स्थित कार्यालय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जादूगर रोड पर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हो गई थी। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े थे और दर्द से तड़प रहे थे। हालांकि वहां मौजूद लोग घटना को देख रहे थे, लेकिन कोई भी उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाने के लिए आगे नहीं आ रहा था।स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चैरब जैन तुरंत अपनी गाड़ी से उतरे और बिना किसी औपचारिकता या प्रतीक्षा के स्वयं घायलों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने दोनों युवकों को सावधानीपूर्वक अपनी डिफेंडर गाड़ी में बैठाया और तत्काल उपचार के लिए विनय विशाल हॉस्पिटल की ओर रवाना हो गए। मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए उन्होंने रास्ते में ही पुलिस प्रशासन को दुर्घटना की सूचना दी। साथ ही अस्पताल प्रबंधन से भी संपर्क स्थापित कर घायलों के इलाज की तत्काल व्यवस्था करने का अनुरोध किया। उन्होंने अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनय से फोन पर बातचीत कर दुर्घटना की जानकारी दी और घायलों का उपचार शुरू करने के लिए आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। चैरब जैन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही पूरी सूचना अस्पताल प्रशासन को मिल चुकी थी। इसके चलते हॉस्पिटल स्टाफ स्ट्रेचर और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के साथ पहले से तैयार खड़ा था। जैसे ही घायल युवक अस्पताल पहुंचे, उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में ले जाकर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया।घटना की जानकारी मिलने पर घायल युवकों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने समय पर सहायता और मानवीय सहयोग के लिए चैरब जैन का हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि यदि उन्हें समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी चैरब जैन के इस कार्य की सराहना की। लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे उदाहरण दूसरों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय किसी व्यक्ति की मदद करना सबसे बड़ा मानव धर्म है और चैरब जैन ने अपने कार्य से यही संदेश दिया है।
चैरब जैन द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता, सेवा भावना और त्वरित निर्णय क्षमता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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