चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर, श्रद्धालुओं की सुविधा और विकास कार्यों पर सरकार का विशेष फोकस: प्रदीप बत्रा
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। रुड़की शहर के लोकप्रिय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यात्रा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रदीप बत्रा ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार की प्राथमिकता है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित परिवहन, बेहतर आवास, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर ठोस रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में गंगनहर बंदी के समय को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। बत्रा ने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिया गया है कि नहर बंदी का कार्य नवंबर माह में कराया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन, स्नान और पूजा-अर्चना कर सकें। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। इससे धार्मिक आयोजनों और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सिंचाई विभाग की भूमि के सौंदर्यीकरण को लेकर भी शासन स्तर पर महत्वपूर्ण वार्ता हुई है। उन्होंने कहा कि नहर किनारे कैनाल साइड ब्यूटीफिकेशन की कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें पार्कों का निर्माण, पार्किंग सुविधाओं का विकास तथा आकर्षक घाटों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री द्वारा मौखिक सहमति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से रुड़की शहर की सुंदरता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
प्रदीप बत्रा ने कहा कि चारधाम यात्रा में परिवहन विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा जारी एसओपी के अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बहुत जल्द नई ईवी पॉलिसी लेकर आने वाली है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईंधन की बचत भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वाहन शेयरिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि यातायात का दबाव कम हो और ईंधन की खपत में कमी आए। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए नारसन बॉर्डर पर आधुनिक वेटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है, जहां चारधाम यात्री विश्राम करने के साथ-साथ अपना ग्रीन कार्ड और यात्रा पंजीकरण भी करा सकते हैं। इसी प्रकार देहरादून स्थित आरटीओ कार्यालय में भी वेटिंग हॉल स्थापित किया गया है। इसके अलावा ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की बस स्टैंडों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही इन बस अड्डों पर यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, बैठने की सुविधा, स्वच्छ शौचालय, कैंटीन और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रदीप बत्रा ने विश्वास जताया कि सरकार की योजनाओं और बेहतर प्रबंधन के चलते इस वर्ष चारधाम यात्रा पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित साबित होगी तथा प्रदेश के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
