भलस्वगाज बना उत्तराखंड आदर्श सौर ऊर्जा गांव, विकास कार्यों के लिए मिलेगा एक करोड़ रुपये, गाँव की बदलेगी तस्वीर
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
भगवानपुर/हरिद्वार। उत्तराखंड सौर ऊर्जा नीति-2023 के तहत हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील स्थित ग्राम भलस्वागाज को आदर्श सौर ऊर्जा गांव के रूप में चयनित किया गया है।

गांव के चयन की घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है और ग्रामीणों ने इसे गांव के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। इस अवसर पर रुड़की के साउथ सिविल लाइन स्थित कुंज एनर्जी सॉल्यूशन के संचालक धीरज सिंह राणा ने प्रदेश सरकार, उरेडा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।धीरज राणा ने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश के लगभग 300 गांवों को सौर ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इसी क्रम में उनकी ओर से ग्राम भलस्वागाज को चयनित करने के लिए विभाग को लिखित प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा कई चरणों में सर्वे और निरीक्षण किए गए, जिनमें ग्राम भलस्वागाज सभी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा। इसके बाद गांव को आदर्श सौर ऊर्जा गांव के रूप में चयनित किया गया।उन्होंने बताया कि ग्राम भलस्वागाज पहले से ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। गांव में वर्ष 2017 से 68 मेगावाट क्षमता का विशाल सौर ऊर्जा संयंत्र संचालित हो रहा है, जिसे उत्तराखंड के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में गिना जाता है। इसके अतिरिक्त गांव में 500-500 किलोवाट क्षमता की दो अन्य सौर परियोजनाएं भी संचालित हैं।धीरज राणा ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री की पीएम सूर्य घर योजना एवं मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत भी गांव में कई सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में लगभग 4 मेगावाट क्षमता के नए सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनका शुभारंभ आगामी नवंबर माह में प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से गांव की ऊर्जा क्षमता में और अधिक वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि गांव को सौर ग्राम का दर्जा मिलने के बाद ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होगी। इस राशि का उपयोग सोलर लाइट, सोलर स्ट्रीट लाइट, बिजली व्यवस्था सुधार, पेयजल योजनाएं, सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, स्वच्छता अभियान और अन्य जनहित कार्यों में किया जाएगा। इससे गांव की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
धीरज राणा ने कहा कि इस योजना का सीधा लाभ गांव के लोगों और सौर परियोजनाओं से जुड़े स्थानीय युवाओं को मिलेगा। सोलर सेक्टर में बढ़ती गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गांव ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गांव को इस मुकाम तक पहुंचाने में विभागीय अधिकारियों का लगातार सहयोग मिला और लंबे समय से इसके लिए प्रयास किए जा रहे थे। अंत में धीरज राणा ने सभी क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोग आपसी भाईचारे, सौहार्द और अमन-चैन के साथ त्योहार मनाएं।




