हरिद्वार में अवैध प्लाटिंग पर प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, कई निर्माण ध्वस्त और सील
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने ज्वालापुर क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई निर्माणों को ध्वस्त एवं सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार रावली महदूद ज्वालापुर स्थित रामधाम कॉलोनी में लंबे समय से बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण की अनुमति के बड़े पैमाने पर प्लाटिंग और निर्माण कार्य किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान प्राधिकरण टीम ने पाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से प्लाटिंग की जा रही थी।
प्राधिकरण के अनुसार रामधाम कॉलोनी में श्री अर्जुन सिंह द्वारा लगभग 9 से 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग का कार्य कराया जा रहा था। इसके अलावा इसी क्षेत्र में लगभग 4 से 5 बीघा भूमि पर भी प्लाटिंग और करीब 15×15 फीट क्षेत्रफल में निर्माण कार्य किया जा रहा था। वहीं गुरु कृपा स्वीट्स के सामने श्री सुखवीर सिंह द्वारा लगभग 2 बीघा भूमि पर प्लाटिंग तथा करीब 15×20 फीट क्षेत्रफल में निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि इन सभी निर्माण कार्यों के संबंध में संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे और निर्माण कार्य रोकने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माणकर्ताओं द्वारा लगातार निर्माण कार्य जारी रखा गया। लगातार निर्देशों की अनदेखी किए जाने के बाद प्राधिकरण ने अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वाद दर्ज करते हुए सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्राधिकरण की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया तथा कुछ निर्माणों को सील भी कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति प्राप्त किए किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में काफी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। प्राधिकरण अधिकारियों ने कहा कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड की खरीद-फरोख्त से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्राधिकरण का कहना है कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य शहर के नियोजित विकास में बड़ी बाधा बन रहे हैं। ऐसे निर्माणों के कारण मूलभूत सुविधाओं, सड़क, सीवर, जल निकासी और यातायात व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और प्राधिकरण संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
