ईद के मौके पर रुड़की ईदगाह में भव्य दंगल का आयोजन, जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अली ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
(रुड़की, हरिद्वार)।ईद के मुबारक अवसर पर जनपद हरिद्वार के रुड़की स्थित ईदगाह में पारंपरिक दंगल कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, खेल प्रेमियों और क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अली मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और उपस्थित जनता तथा दंगल में भाग लेने वाले पहलवानों का दिल से अभिवादन किया।
कार्यक्रम के दौरान आजाद अली ने अपने संबोधन में कहा कि दंगल और कुश्ती भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। यह खेल न केवल शारीरिक सुदृढ़ता को बढ़ावा देता है, बल्कि अनुशासन, साहस और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और वे नशे व अन्य गलत गतिविधियों से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य और भविष्य को संवार सकते हैं।
दंगल में विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपनी ताकत और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। दर्शकों ने भी जोरदार तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का मनोबल बढ़ाया। मुकाबलों में पारंपरिक कुश्ती की झलक देखने को मिली, जिसने लोगों को पुराने समय की खेल संस्कृति की याद दिला दी।
इस अवसर पर पूर्व मेयर रुड़की गौरव गोयल, सभासद जिशान, मुमताज उर्फ लूसा, शाहनवाज, मासूम खलीफा, इरशाद पहलवान, हाजी यूनुस, उस्ताद इरशाद, उस्ताद इमरान, सारिक पहलवान, फुरकान, सुभान, जिला अध्यक्ष नदीम अहमद एवं विधानसभा अध्यक्ष झबरेड़ा फारुख मलिक सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
आयोजन समिति द्वारा दंगल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को सम्मानित भी किया गया। विजेताओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम का समापन आपसी भाईचारे और सौहार्द के संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता रहे और युवा वर्ग सही दिशा में आगे बढ़ सके।






