आईआईटी रुड़की और बिट्स पिलानी के बीच रणनीतिक साझेदारी, अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा नया आयाम

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

नोएडा, 11 मार्च 2026। देश के दो प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों आईआईटी रुड़की और बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी —ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उन्नत प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अभियांत्रिकी और विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करेंगे।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह का आयोजन आईआईटी रुड़की के जीएनईसी परिसर, नोएडा में किया गया, जिसमें दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और शोधकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आईआईटी रुड़की के निदेशक Kamalkishore Pant और बिट्स पिलानी के कुलपति V.Ramgopal Rao ने संबोधन देते हुए इस साझेदारी को देश में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान प्रयोगशालाओं, अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना और संकाय विशेषज्ञता सहित विभिन्न संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे। साथ ही संयुक्त रूप से पहचाने गए अनुसंधान क्षेत्रों में पीएचडी शोधार्थियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। समझौते के अनुसार पीएचडी और मास्टर स्तर के विद्यार्थियों के लिए संयुक्त मार्गदर्शन, सहयोगात्मक छात्र परियोजनाएं, संकाय आदान-प्रदान, उद्योग समर्थित अनुसंधान तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप संयुक्त अनुसंधान प्रस्तावों के विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
यह साझेदारी केवल अनुसंधान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों जैसे कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, सेमिनार और अकादमिक कार्यक्रमों के आयोजन को भी प्रोत्साहित करेगी। इसके साथ ही नवाचार, इनक्यूबेशन और उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियों में भी दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे, जिससे स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी विकास को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी रुड़की के डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) प्रो. विवेक कुमार मलिक तथा बिट्स पिलानी के एसोसिएट डीन (ग्रांट्स, कंसल्टेंसी एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) प्रो. शिबू क्लेमेंट ने दोनों संस्थानों के अनुसंधान और विकास पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया।
इसके बाद “What BITS Pilani & IIT Roorkee Can Do for the Nation” विषय पर एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डीकार्बोनाइजेशन और सतत ऊर्जा, औद्योगिक प्रणालियों में एआई और मशीन लर्निंग का एकीकरण, डिजिटल ट्विन्स तकनीक और हाइड्रोजन आधारित सतत विकास पहलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह सहयोग दोनों संस्थानों की पूरक क्षमताओं को एक मंच पर लाकर प्रभावशाली अनुसंधान परिणामों और कुशल मानव संसाधन के विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि सतत ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास देश के तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
वहीं बिट्स पिलानी के कुलपति प्रो. वी. रामगोपाल राव ने कहा कि यह साझेदारी संस्थान के उद्योग-उन्मुख शिक्षण और अनुसंधान आधारित नवाचार के मिशन के अनुरूप है।
इस अवसर पर आईआईटी रुड़की और बिट्स पिलानी के कई संकाय सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी की। यह समझौता दो प्रमुख भारतीय तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो अत्याधुनिक अनुसंधान, प्रतिभा विकास और भारत की तकनीकी तथा सतत विकास की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।V

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