अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर फोनिक्स विश्वविद्यालय में महिला शक्ति का सम्मान, सिमरन चौधरी और पारुल सैनी को किया सम्मानित

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर फोनिक्स विश्वविद्यालय में महिला शक्ति के सम्मान में एक भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, सम्मान और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और समाज में उनके महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट चेरब जैन, मुख्य सलाहकार डॉ. के.के. गौतम तथा कैंपस निदेशक डॉ. भूपेंद्र चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी अतिथियों ने महिला सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं की भूमिका को समाज की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस विशेष कार्यक्रम का संयोजन सुश्री आयशा अंसारी द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं मंच संचालन की जिम्मेदारी डॉ. प्रभा परमार ने बेहद प्रभावशाली और सधे हुए अंदाज में निभाई, जिससे कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग पूरे समय जुड़े रहे। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं और संस्थान के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने लंबे समय तक अपनी मेहनत, निष्ठा और समर्पण से विश्वविद्यालय की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
समारोह के दौरान “लॉन्गेस्ट सर्विस (शैक्षणिक)” श्रेणी में डॉ. सिमरन चौधरी को सम्मानित किया गया। वहीं “लॉन्गेस्ट सर्विस (प्रशासनिक)” श्रेणी में पारुल सैनी को पुरस्कार देकर सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें संस्थान में वर्षों से दी जा रही उत्कृष्ट सेवाओं और समर्पण के लिए दिया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली दोनों महिला कर्मियों ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। इस मौके पर विश्वविद्यालय के चैयरमेन चेरब जैन ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं समाज की असली ताकत हैं और उनके बिना किसी भी समाज की प्रगति की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, तकनीक और सामाजिक क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन मिलता है, तभी समाज मजबूत और समृद्ध बनता है।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि हर संस्था और समाज को महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय परिवार ने सभी महिला सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। साथ ही महिला सशक्तिकरण के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया। इस प्रेरणादायक आयोजन ने महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को नई पहचान देने का कार्य किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!