रुड़की में अग्निशमन विभाग का सख्त एक्शन,होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को फायर सेफ्टी के निर्देश

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
फायर स्टेशन रुड़की, जनपद हरिद्वार द्वारा अग्निशमन सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया गया। श्रीमान उच्च अधिकारियों के आदेश एवं निर्देशों के अनुपालन में अग्निशमन अधिकारी रुड़की श्री बंश नारायण यादव के नेतृत्व में टीम द्वारा पतंजलि फेस वन क्षेत्र में संचालित होम स्टे, होटल एवं रेस्टोरेंट्स का अग्निशमन ऑडिट एवं निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जनहानि एवं संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, आपातकालीन निकास मार्गों तथा अग्नि से बचाव के उपायों का बारीकी से अवलोकन किया। अग्निशमन अधिकारी श्री बंश नारायण यादव ने मौके पर मौजूद होटल, रेस्टोरेंट एवं होम स्टे स्वामियों को निर्देश दिए कि सभी अग्निशमन उपकरणों को हमेशा कार्यशील अवस्था में रखें तथा उनकी समय-समय पर जांच कराते रहें। उन्होंने कहा कि आग जैसी किसी भी आपात स्थिति में प्रारंभिक कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में संबंधित प्रतिष्ठान के कर्मचारी ही प्रथम रिस्पॉन्डर की भूमिका निभाते हैं।
अग्निशमन विभाग की टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों को आग लगने की स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी तथा अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग का महत्व समझाया। साथ ही, यह भी निर्देशित किया गया कि अपने कर्मचारियों के लिए नियमित अंतराल पर मॉक ड्रिल एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में घबराहट के बजाय त्वरित और सही कार्रवाई की जा सके।
निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा आपातकालीन सेवा नंबर 112 के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया। संचालकों और कर्मचारियों को समझाया गया कि किसी भी अग्नि दुर्घटना या आपदा की स्थिति में तुरंत 112 पर सूचना देना अनिवार्य है, जिससे फायर सर्विस, पुलिस और एम्बुलेंस जैसी सेवाएं समय रहते मौके पर पहुंच सकें और जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
अग्निशमन अधिकारी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में होम स्टे, होटल और रेस्टोरेंट्स में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है।
इस अग्निशमन ऑडिट एवं निरीक्षण अभियान में टीम के अन्य सदस्यों में लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक मोहन सिंह नेगी तथा फायरमैन जगवीर सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के अंत में टीम ने संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश देकर भविष्य में भी अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।






