छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला, मोदी-शाह सरकार तानाशाही पर उतरी: समीर आलम
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की/नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर उत्तराखंड किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव समीर आलम ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन और देश के युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला बताया है।
जारी बयान में समीर आलम ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका कहना है कि छात्र अपनी जायज मांगों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग किया।
समीर आलम ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग उचित नहीं ठहराया जा सकता। सरकार को छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि जिन युवाओं के कंधों पर देश का भविष्य टिका है, उन्हीं पर लाठियां बरसाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, यह केवल छात्रों पर हमला नहीं बल्कि उन सपनों पर प्रहार है, जिनके सहारे युवा देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। उन्होंने कहा कि यही छात्र भविष्य में सेना, कृषि, विज्ञान, तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश का नाम रोशन करेंगे।
समीर आलम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक मंत्री को बचाने के लिए युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उत्तराखंड किसान मोर्चा ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही संगठन ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।
समीर आलम ने कहा कि युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने देशभर के युवाओं से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
