भगवानपुर हाईवे पर करोड़ों की व्यावसायिक मार्केट पर उठे सवाल, कार्रवाई के इंतजार में जनता

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की/भगवानपुर | भगवानपुर हाईवे पर स्थित एक चर्चित व्यावसायिक मार्केट को लेकर क्षेत्र में लगातार सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस व्यावसायिक निर्माण की वैधता, विभागीय स्वीकृतियों और निर्माण मानकों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज है। उत्तराखंड सरकार जहां पूरे प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं इस मामले में संबंधित प्राधिकरण की चुप्पी लोगों के बीच कई तरह की जिज्ञासाएं और प्रश्न खड़े कर रही है।
14 जुलाई को इस विषय को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि संबंधित प्राधिकरण मामले की जांच कर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो किसी अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही निरीक्षण अथवा कार्रवाई से जुड़ी कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसी कारण अब यह मामला भगवानपुर क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह व्यावसायिक मार्केट पूरी तरह नियमों के अनुरूप बनाई गई है, तो संबंधित विभाग को इसकी स्वीकृतियों और निरीक्षण संबंधी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर लोगों की शंकाओं का समाधान करना चाहिए। वहीं यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई है, तो कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।
क्षेत्र में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या इस मार्केट के लिए नियमानुसार लेआउट स्वीकृति प्राप्त की गई थी, क्या निर्माण के दौरान निर्धारित सेटबैक का पालन किया गया, क्या पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की गई तथा क्या सभी आवश्यक विभागीय अनुमतियां ली गईं। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि निर्माण के दौरान संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया गया था या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे स्तर के निर्माणों पर अक्सर नोटिस और कार्रवाई की खबरें सामने आती हैं, लेकिन जब बड़े व्यावसायिक निर्माण की बात आती है तो विभाग की चुप्पी लोगों के मन में समान कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़े करती है। नागरिकों का मानना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और यदि किसी मामले में शिकायतें प्राप्त हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर परिणाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि यदि संबंधित प्राधिकरण ने इस व्यावसायिक मार्केट का निरीक्षण किया है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की गई या नहीं तथा शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई।
अब क्षेत्र की जनता यह जानना चाहती है कि 14 जुलाई को मामला सामने आने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दी। लोगों का कहना है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव भगवानपुर हाईवे पर भी समान रूप से दिखाई देना चाहिए और सभी निर्माणों के मामलों में एक समान कानून लागू होना चाहिए।
संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार सार्वजनिक हित में उठ रहे प्रश्नों, स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त चिंताओं तथा उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी निर्माण, व्यक्ति अथवा अधिकारी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित सक्षम प्राधिकारी की जांच, आधिकारिक अभिलेखों एवं विधिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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