सोत मोहल्ला में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का विरोध, बिना मीटर लगाए लौटे अधिकारी
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। नगर निगम के वार्ड संख्या 33 स्थित सोत मोहल्ला में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची विद्युत विभाग की टीम को स्थानीय लोगों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों का घेराव करते हुए स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर आपत्ति जताई और स्पष्ट कहा कि जब तक नगर निगम के अन्य वार्डों में यह व्यवस्था लागू नहीं की जाती, तब तक उनके क्षेत्र में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाने दिए जाएंगे। विरोध के चलते मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसे देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम अधिशासी अभियंता अनिल मिश्रा के नेतृत्व में विजिलेंस कर्मियों के साथ सोत मोहल्ला पहुंची थी। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लोगों का समर्थन किया।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पार्षद हाजी फजलुर्रहमान, पार्षद संजीव राय ‘टोनी’, कांग्रेस नेता मोहम्मद मुबश्शीर, अनस अंसारी, सलमान और जहांगीर सहित अन्य लोगों ने किया। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता करते हुए कहा कि यदि पूरे शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं तो इसकी शुरुआत वार्ड संख्या एक से होनी चाहिए। उनका कहना था कि वार्ड संख्या 33 में सबसे पहले स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय उचित नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि विभाग बिना पर्याप्त जनजागरूकता और लोगों की सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास कर रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिलों में बढ़ोतरी हो सकती है और उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है। इसी को लेकर क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की।
स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब विभागीय अधिकारियों ने निर्धारित योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जाने की बात कही। इसके बाद लोगों का विरोध और तेज हो गया। काफी देर तक चले गतिरोध और बहस के बाद विभागीय टीम को बिना स्मार्ट मीटर लगाए ही वापस लौटना पड़ा।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता अनिल मिश्रा ने बताया कि विभाग शासन के निर्देशों के अनुरूप स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के मन में स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम और आशंकाएं हैं, जिन्हें दूर करने के लिए विभाग संवाद स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहयोग और जागरूकता के माध्यम से सहमति बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेता मोहम्मद मुबश्शीर का बयान
कांग्रेस नेता मोहम्मद मुबश्शीर ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं और सवाल हैं, जिनका समाधान किए बिना इसे जबरन लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग को पहले जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर स्मार्ट मीटर के लाभ और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। मुबश्शीर ने कहा कि जनता की सहमति और विश्वास के बिना किसी भी योजना को सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने मांग की कि पूरे शहर में समान रूप से प्रक्रिया लागू की जाए और किसी एक वार्ड को निशाना न बनाया जाए।
पार्षद हाजी फज़लुर्रहमान ने कहा कि सोत मोहल्ला के लोगों का विरोध किसी विकास कार्य के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और समानता की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है तो इसकी शुरुआत क्रमवार होनी चाहिए। लोगों के मन में स्मार्ट मीटर को लेकर कई शंकाएं हैं, जिन्हें दूर करना बिजली विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब तक जनता पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती, तब तक किसी भी योजना को थोपना उचित नहीं है। जनहित सर्वोपरि है और जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पार्षद संजीव राय ‘टोनी’ ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले विभाग को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त जानकारी दिए सीधे मीटर लगाने पहुंचना लोगों में अविश्वास पैदा करता है। उन्होंने मांग की कि विभाग पहले सभी वार्डों के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लोगों की शंकाओं का समाधान करे। टोनी ने कहा कि जनता की सहमति और सहभागिता के बिना किसी भी योजना को सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह क्षेत्रवासियों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे और उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
